भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पर्थ में पहला टेस्ट मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच के तीसरे दिन भारतीय फैंस ने कुछ ऐसा कर दिया जिसपर सुनील गावस्कर का गुस्सा फूट पड़ा। दरअसल, कुछ प्रशंसक मैच के दौरान भारतीय तिरंगा लेकर स्टेडियम पहुंचे थे। इस पर 'भारत आर्मी' लिखा हुआ था। कमेंट्री के दौरान पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने इस पर चर्चा की और उन्हें लताड़ लगाई। इस दौरान उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय तिरंगे पर लिखना नियमों के विरुद्ध है।
गावस्कर ने लगाई लताड़
एबीसी स्पोर्ट पर कमेंट्री करते हुए गावस्कर ने कहा, "मुझे पता है कि भारत में इसे स्वीकार नहीं किया जाता। मुझे नहीं लगता कि ये (प्रशंसक) वास्तव में भारतीय हैं। मुझे नहीं पता कि उनमें से कितनों के पास भारतीय पासपोर्ट है, इसलिए वे शायद भारतीय ध्वज के मूल्य, प्रासंगिकता और महत्व को नहीं समझते हैं।"
क्या है नियम?
राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा दो के अनुसार, भारत के राष्ट्रीय ध्वज पर कोई अक्षर नहीं लिखा जाएगा। इसमें आगे कहा गया है कि, राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग किसी व्यक्ति की पोशाक या वर्दी या किसी भी प्रकार के सहायक उपकरण के रूप में नहीं किया जाएगा जिसे किसी व्यक्ति द्वारा कमर से नीचे पहना जाता है। न ही इसे कुशन, रुमाल, नैपकिन, अंडरगारमेंट या किसी भी ड्रेस सामग्री पर कढ़ाई या छापा जाएगा।
'तिरंगे से भारत आर्मी हटाओ'
गावस्कर ने आगे कहा कि इन प्रशंसकों को तिरंगे पर लिखे भारत आर्मी को हटा देना चाहिए। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि इन्हें अपना एक अलग झंडा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा- सभी भारतीय जिनमें मैं भी शामिल हूं, भारतीय क्रिकेट टीम को उनके द्वारा दिए जाने वाले समर्थन के लिए बहुत आभारी हैं। लेकिन मैं उनसे अनुरोध करूंगा कि वे अपने ग्रुप का नाम भारत के झंडे पर न रखें। एक अलग झंडा बना लीजिए। अगर ऐसा करते हैं तो मैं भी उसका समर्थन करूंगा।