भारतीय टीम के घातक गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के स्वास्थ्य पर गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि तेज गेंदबाज पूरी तरह से ठीक हैं। बता दें कि, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी एडिलेड टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय गेंदबाज को ऑस्ट्रेलिया की पारी के 81वें ओवर में गेंदबाजी करते समय जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत हुई थी। इसके बाद वह फिजियो को भी मैदान पर आना पड़ा था। हालांकि, कुछ देर बाद उन्होंने अपना ओवर पूरा किया।
बुमराह की चोट पर क्या बोले मोर्केल?
मोर्केल ने 31 वर्षीय गेंदबाज के स्वास्थ्य पर अपडेट देते हुए कहा, सबसे पहले बुमराह ठीक हैं, बस उन्हें ऐंठन थी। आप जानते हैं उसके बाद भी उन्होंने गेंदबाजी की और दो विकेट भी मिले। टेस्ट मुश्किल खेल है और यह टफ खिलाड़ियों के लिए ही बना है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रदर्शन से प्रभावित मोर्केल
भारत अपनी दूसरी पारी में पांच विकेट पर 128 रन बनाकर संघर्ष कर रहा है। इस डे-नाइट टेस्ट मैच में वह अभी ऑस्ट्रेलिया से 29 रन से पीछे है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने ट्रेविस हेड (140) और मार्नस लाबुशेन (64) की उपयोगी पारियों से पहली पारी में 157 रन की बड़ी बढ़त हासिल की। मोर्केल ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा, इस विकेट पर गुलाबी गेंद से अभी तक कुछ ना कुछ होता रहा है। अगर आप लगातार अपनी सही लेंथ पर गेंदबाजी कर रहे हैं तो कुछ गेंद ही खराब जाती हैं। आखिर में अपनी रणनीति तैयार करना और उस पर अमल करना महत्वपूर्ण होता है। मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया ने इस टेस्ट मैच में अब तक यही किया है। उन्होंने पहले दिन अच्छी गेंदबाजी की और हमारे लिए रन बनाना मुश्किल कर दिया। जब गेंद थोड़ी नरम हो जाती है तो स्कोर करना आसान हो जाता है।
'भारत अभी गुलाबी गेंद से खेलना सीख रहा है'
इस दौरान मोर्केल ने भारतीय टीम के प्रदर्शन पर भी बात की। उन्होंने कहा, जहां तक भारत का सवाल है तो मुझे लगता है कि यह टीम अभी भी यह पता लगा रही है कि गुलाबी गेंद क्रिकेट खेलने का सबसे अच्छा तरीका क्या है क्योंकि हमारे पास गुलाबी गेंद खेलने का बहुत अधिक अनुभव नहीं है। इसलिए हमारी टीम अभी गुलाबी गेंद से खेलना सीख रही है।
मोर्कल ने स्वीकार किया कि भारतीय गेंदबाज अपनी रणनीति पर पूरी तरह से अमल नहीं कर पाए जिससे हेड को हावी होने का मौका मिला। उन्होंने कहा, वह एक ऐसा खिलाड़ी है जो केवल रन बनाना चाहता है, एक गेंदबाज के रूप में वह आपको दबाव में रखता है, इसलिए हर गेंद पर आपके प्रदर्शन की परीक्षा होती है। उसे शुरू में संघर्ष करना पड़ा लेकिन इसके बाद वह हावी हो गया और हम पर दबाव बना दिया। मुझे लगता है कि हम अपनी रणनीति पर पूरी तरह से अमल नहीं कर पाए। हम शायद प्लान ए से प्लान बी की ओर बढ़ रहे थे। हमें इस क्षेत्र में बेहतर बनने की जरूरत है।