ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा अब तक संघर्ष करते दिखे हैं। तीन टेस्ट मैचों की पांच पारियों में उन्होंने सिर्फ 31 रन बनाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 10 का रहा है। खराब फॉर्म से जूझ रहे रोहित अब क्रिकेट जगत के ज्यादातर दिग्गजों के निशाने पर हैं। कुछ ने उनके संन्यास की मांग करना भी शुरू कर दिया है। इस बीच ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि उन्हें अपनी शर्तों पर क्रिकेट से संन्यास लेने का अधिकार हासिल है।
'रोहित के लिए कप्तानी मददगार'
रोहित ऑस्ट्रेलिया में बल्ले से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं जिससे उन पर धीरे-धीरे दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में कोई महत्वपूर्ण पारी नहीं खेली है। टीम के एक अन्य दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली भी सीरीज में लगातार ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों पर आउट होने के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।
क्लार्क ने शुक्रवार को सिडनी में शुरू होने वाले पांचवें टेस्ट से पहले ईएसपीएन से कहा, आपने देखा होगा कि कई खिलाड़ियों के साथ ऐसा होता है, कुछ के लिए कप्तानी मददगार होती है, जबकि अन्य के लिए नहीं। मुझे निश्चित रूप से लगता है कि वह सिडनी में खेलेंगे। मुझे नहीं लगता कि वे उन्हें टीम से बाहर करेंगे। मुझे लगता है कि रोहित शर्मा ने यह अधिकार हासिल किया है और वह कप्तान हैं। जब आप कप्तान होते हैं तो आपको थोड़ी अधिक छूट भी मिलती है।
रोहित के नाम पिछली 15 पारियों में एक अर्धशतक
रोहित पिछली 15 टेस्ट पारियों में 164 रन बना सके हैं। इसमें सिर्फ एक अर्धशतक शामिल है। इस दौरान रोहित की पारियां- 6, 5, 23, 8, 2, 52, 0, 8, 18, 11, 3, 6, 10, 3 (मेलबर्न टेस्ट की पहली पारी) और 9 (मेलबर्न टेस्ट की दूसरी पारी) रन की रही हैं। रोहित ने इस साल टेस्ट में 14 टेस्ट की 26 पारियों में 24.76 की औसत से 619 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने दो शतक और दो अर्धशतक लगाए। एक बार फिर रोहित के सस्ते में आउट होने पर उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं, जो लाजमी भी हैं।
क्लार्क ने आगे कहा- हालांकि उनके आंकड़े बहुत अच्छे नहीं हैं। लेकिन वे रोहित को अपनी शर्तों पर आगे बढ़ने की अनुमति देंगे। मुझे नहीं पता कि सिडनी उनका आखिरी टेस्ट होगा या नहीं। मुझे नहीं पता कि वह क्या सोच रहे हैं या टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से भारत के पास क्या योजना है। मुझे नहीं पता कि रोहित कप्तानी के लिहाज से कैसा महसूस करते हैं। अभी वह दूसरे बच्चे के पिता बने हैं। मुझे लगता है कि वह निश्चित रूप से सिडनी में खेलेंगे।
क्लार्क ने की नीतीश की तारीफ
इस दौरान क्लार्क ने नीतीश रेड्डी पर भी बात की। उन्होंने भारतीय टीम मैनेजमेंट को उन्हें शीर्ष क्रम में मौका देने की सलाह दी। उन्होंने 'बियोंड 23 क्रिकेट पॉडकास्ट' में कहा- आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले वाला यह युवा रेड्डी एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। मुझे लगता है कि उसे छठे नहीं तो सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करनी चाहिए। वह भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाला खिलाड़ी है। वह 21 साल का खिलाड़ी है, अविश्वसनीय। पूरी सीरीज में उसे कमतर आंका गया है।
नीतीश ने जड़ा था करियर का पहला शतक
नीतीश ने बॉक्सिंग डे टेस्ट के तीसरे दिन भारत की पहली पारी में शतक जड़ा था और वाशिंगटन सुंदर के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की थी। नीतीश ने पहली पारी में 189 गेंदों पर 11 चौकों और एक छक्के की मदद से 114 रन बनाए और वह ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट में शतक लगाने वाले तीसरे सबसे युवा भारतीय बन गए थे। उनसे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर और ऋषभ पंत हैं।