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IND vs AUS: 'मैं इन चीजों में विश्वास नहीं रखता', फेयरवेल मैच को लेकर रविचंद्रन अश्विन ने रखी अपनी राय

Wed, 25 Dec 2024 06:00 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बीच में संन्यास लेने के उनके फैसले पर पूर्व क्रिकेटर्स ने कई प्रतिक्रिया दीं और उन्हें एक शानदार विदाई नहीं मिलने पर सवाल खड़े किए। अब महान स्पिनर ने इस पर बात की है। उन्होंने बताया कि वह इन चीजों में विश्वास नहीं रखते हैं। 
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रोहित-अश्विन - फोटो : rohitsharma45/INSTAGRAM
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विस्तार
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ब्रिस्बेन टेस्ट समाप्त होने के बाद भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बीच में संन्यास लेने के उनके फैसले पर पूर्व क्रिकेटर्स ने कई प्रतिक्रिया दीं और उन्हें एक शानदार विदाई नहीं मिलने पर सवाल खड़े किए। अब महान स्पिनर ने इस पर बात की है। उन्होंने बताया कि वह इन चीजों में विश्वास नहीं रखते हैं। 
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वो बेहतर विदाई का हकदार था- कपिल देव
38 वर्षीय स्पिनर के संन्यास के बाद पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा था कि अश्विन बेहतर विदाई के हकदार थे। उन्होंने कहा- मैं इस बात से हैरान था कि भारत के महानतम क्रिकेटरों में से एक ने खेल छोड़ने का फैसला कैसे किया। प्रशंसक निराश हैं लेकिन मैंने उसके चेहरे पर भी निराशा के भाव देखे। वह निराश दिख रहा था और यह दुखद है। वह इससे बेहतर विदाई का हकदार था। 
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'भव्य विदाई गलत है'
अश्विन ने कहा- जहां तक मेरा सवाल है, भव्य विदाई गलत है। मुझे नहीं लगता कि आपको किसी को भव्य विदाई समारोह देना चाहिए। मैं नहीं चाहता कि कोई मेरे लिए एक बूंद आंसू बहाए। मुझे लगता है कि भव्य विदाई सुपर सेलिब्रिटी संस्कृति का हिस्सा है।

पूर्व स्पिनर ने आगे कहा, हमें किसी के पीछे क्यों भागना चाहिए? मैं समझता हूं कि हम किसी के पीछे इसलिए भागते हैं क्योंकि हम उससे प्यार करते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि लोगों को किसी की उपलब्धियों, उसके द्वारा छोड़ी गई विरासत, उसके खेल को छोड़ने के तरीके और खेल के बारे में उसके द्वारा की गई बातों से प्रेरणा लेनी चाहिए। लेकिन मुझे लगता है कि विदाई गलत है। अगर कोई मैच सिर्फ मेरा जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया है, तो मुझे लगता है कि यह खेल के प्रति अन्याय होगा। मुझे इस बारे में कोई पछतावा नहीं है। बिल्कुल भी पछतावा नहीं है। अगर मैं 537 विकेट लेकर खुश नहीं हूं, तो फिर मैं किस बात पर खुश होऊंगा? मुझे किसी ऐसी चीज के लिए दुखी क्यों होना चाहिए जो है ही नहीं? 

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