दरअसल, कोंस्टास को इस टेस्ट के लिए नाथन मैकस्वीनी की जगह ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल किया गया था। टॉस जीतकर जब कंगारू टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी तो कोंस्टास ने आक्रामक बल्लेबाजी की थी और 65 गेंद में 60 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने बुमराह की धुनाई की थी। कोंस्टास ने बुमराह के पहले स्पेल में दो छक्के लगाए थे। टेस्ट में 4483 दिन बाद किसी बल्लेबाज ने बुमराह की गेंद पर छक्का लगाया था। बुमराह का छह ओवर का पहला स्पेल महंगा रहा था और उन्होंने छह के ऊपर की इकोनॉमी रेट से 38 रन दिए थे। बुमराह को छह ओवर के बाद कप्तान रोहित को मजबूरन गेंदबाजी से हटाना पड़ा था। कोंस्टास के आउट होने के बाद बुमराह गेंदबाजी के लिए आए थे।
फिर कोंस्टास से ऑस्ट्रेलियाई कमेंटेटर ने पूछा कि आपने बुमराह की गेंद पर स्कूप और रिवर्स स्कूप शॉट्स लगाए। क्या इस बारे में रात में सपना देख कर आए थे? तो कोंस्टास ने कहा था कि वह बुमराह पर अटैक करना जारी रखेंगे। इसके बाद जब ऑस्ट्रेलियाई टीम की गेंदबाजी आई तो कोंस्टास बाउंड्री लाइन पर खड़े होकर ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों को चीयर करने के लिए कहते दिखे। वह लगातार हाथ उठाकर फैंस से हल्ला करने, शोर करने और ऑस्ट्रेलियाई टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए इशारा करते दिखे। ऑस्ट्रेलियाई फैंस भी भारतीय टीम को दबाव में लाने के लिए कोंस्टास के इशारे को मानते दिखे थे। इसका वीडियो भी खूब वायरल हुआ था। कोंस्टास अति उत्साह में दिखे थे और ऑस्ट्रेलियाई फैंस ने भी भारतीय टीम पर चुटकी ली थी।
कोंस्टास का विकेट लेने के बाद बुमराह
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इसी का जवाब बुमराह ने उन्हें दूसरी पारी में आउट करने के बाद दिया। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी के सातवें ओवर में तीसरी गेंद पर कोंस्टास को क्लीन बोल्ड किया। उनकी इनस्विंगर कोंस्टास के बैट और पैड के बीच में घुस गई और बेल्स बिखेर दीं। इस पारी में कोंस्टास 18 गेंद खेल सके और एक चौके की मदद से आठ रन बना सके। आउट करने के बाद बुमराह ने कोंस्टास को चिढ़ाया और जिस तरह से कोंस्टास फैंस को आवाज उठाने के लिए कह रहे थे, बुमराह ठीक वैसे ही इशारा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई फैंस और कोंस्टास पर चुटकी ली। उनके इशारा से लग रहा था, जैसे वह ऑस्ट्रेलियाई फैंस से कह रहे हों- और चिल्लाओ।
इतना ही नहीं, बुमराह ने जो बोला वह कर के भी दिखाया है। भारत के स्टार तेज गेंदबाज ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के बाद कहा था कि वह शुरुआती दो ओवर में कोंस्टास को छह-सात बार आउट कर सकते थे। बुमराह ने कहा था, 'मैंने 12 साल से अधिक टी20 क्रिकेट खेला है और इसका अच्छा खासा अनुभव है। कोंस्टास रोचक बल्लेबाज हैं, लेकिन मुझे कभी लगा नहीं कि मैं उनका विकेट जल्द नहीं ले सकता हूं। शुरू में मुझे लगा कि पहले दो ओवर में छह सात बार उसे आउट कर सकता हूं, लेकिन क्रिकेट में ऐसा ही होता है। कई बार विकेट मिल जाती है और जब नहीं मिलती तो आप उसी व्यक्ति की आलोचना करते हैं।'
उन्होंने कहा, 'मुझे नई चुनौतियों का सामना करना पसंद है। ऑस्ट्रेलिया में हमेशा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता रहा हूं । मैंने पहली बार 2018 में यहां टेस्ट खेला था और 2016 में वनडे में डेब्यू किया। यहां काफी चुनौतियां मिलती है क्योंकि विकेट सपाट हैं और नई गेंद से कूकाबूरा से मदद मिलती है, लेकिन बाद में नहीं। इसलिए यहां आपकी सटीकता की जांच होती है। मौसम आपकी फिटनेस और धैर्य की परख करता है। एक बार इन चुनौतियों से उबरने के बाद आप बेहतर क्रिकेटर बनते हैं।'