माइकल क्लार्क और ब्रैड हैडिन ने जडेजा मामले पर बयान दिया है
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पिछले 48 घंटों में रवींद्र जडेजा ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं। ऑस्ट्रेलिया को 177 रन पर ऑलआउट करने में जडेजा की भूमिका अहम रही। उन्होंने पांच विकेट झटके। इनमें मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ जैसे बल्लेबाज अहम हैं। गेंद से कहर बरपाने के बाद जडेजा ने बल्ले से भी कमाल दिखाया और अर्धशतक जड़ा। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने अपनी पहली पारी में सात विकेट पर 321 रन बना लिए हैं और ऑस्ट्रेलिया पर अब तक 144 रन की लीड ले ली है।
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने जडेजा के खिलाफ रची साजिश
हालांकि, जडेजा ने अपने प्रदर्शन के अलावा भी सुर्खिया बटोरी हैं। दरअसल, पहले दिन जब जडेजा गेंदबाजी कर रहे थे तो उन्होंने मोहम्मद सिराज के हाथ से मलहम लेकर अपने स्पिनिंग फिंगर पर लगाया था। इस पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने उनके खिलाफ साजिश रचते हुए बॉल टेम्परिंग के आरोप लगाए थे। हालांकि, बीसीसीआई ने इस मामले पर कहा था कि जडेजा को अंगुली में चोट लगी थी और वह मलहम लगा रहे थे।
जडेजा मामले को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने गलत तरीका से पेश किया
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने जडेजा के खिलाफ साजिश रची है
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जब जडेजा बाम लगा रहा थे, तब उनके हाथ में गेंद भी थी और इस पूरी घटना को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने गलत अंदाज में पेश किया था। इस विवाद में बाद में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान टिम पेन भी कूद पड़े थे। दोनों ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया का समर्थन किया था। हालांकि, जडेजा ने गेंद पर कुछ भी नहीं लगाया था। टिम पेन ने इस घटना को 'दिलचस्प' करार दिया, जबकि वॉन ने कहा कि उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर ऐसा कभी नहीं देखा।
रेफरी ने कप्तान रोहित और जडेजा से की थी बात
खबरों के मुताबिक मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने दिन का खेल खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और गेंदबाज जडेजा से बात भी की थी और उन्हें वायरल वीडियो दिखाया। रोहित और भारतीय टीम मैनेजमेंट ने कहा कि यह दर्द निवारक क्रीम थी जिसे जडेजा ने अपनी अंगुलियों पर लगाया था। मैच रेफरी ने जडेजा और टीम इंडिया पर कोई आरोप नहीं लगाया। विशेष रूप से ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन की ओर से इस घटना की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं की गई। हालांकि, मैच रेफरी, शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता के बिना स्वतंत्र रूप से ऐसी घटनाओं की जांच कर सकता है। अब इस विवाद में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क भी कूद पड़े हैं।
क्लार्क ने मामले पर क्या कहा?
माइकल क्लार्क
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इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा कि जडेजा को मलहम लगाते समय गेंद अंपायर को देनी चाहिए थी। क्लार्क ने कहा- वह इतनी ज्यादा गेंदबाजी कर रहे थे कि हो सकता है उनकी अंगुली में छाले या कट लग गए हों। जडेजा को वहां क्या करना चाहिए था कि अंपायर को गेंद देनी चाहिए थी और अंपायर के सामने खड़ा होना चाहिए था, जब वह मलहम अंगुली पर लगा रहे थे।
क्लार्क ने कहा- मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं देख रहा कि कुछ हुआ हो। मैं बस यही चाहता हूं कि उनके हाथ में गेंद न हो। अगर वह अंपायर को गेंद फेंक देते और ऐसा करते तो मुझे नहीं लगता कि इस बारे में कोई टिप्पणी की गई होती। यह सिर्फ धारणा है। मुझे नहीं लगता कि इसमें कुछ है। मैं 100 फीसदी गलत हो सकता हूं। खेल की परिस्थितियों के अनुसार, एक क्रिकेटर को अपने शरीर के अंगों पर कुछ भी लगाने से पहले अंपायर को सूचित करना होता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि गेंद की स्थिति पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा हो। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर ब्रैड हैडिन ने भी इस मामले पर अपने विचार साझा किए थे। उन्होंने कहा था- जब मैंने पहली बार इसे देखा तो चीजें सही नहीं लग रही थीं।