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IND vs AFG: बतौर बैकअप टीम में शामिल हुए आकिब नबी को ईशांत शर्मा के कोच का समर्थन, चयन प्रक्रिया पर दागे सवाल

Wed, 03 Jun 2026 04:05 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मुकाबला छह जून से खेला जाना है। इस मैच के लिए घोषित भारतीय टीम में आकिब नबी को बतौर बैकअप गेंदबाज शामिल किया गया है, जिस पर ईशांत शर्मा के कोच श्रवण कुमार ने सवाल उठाए हैं। आइए जानते हैं...
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आकिब नबी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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घरेलू टी20 लीग यानी आईपीएल 2026 के समापन के बाद अब बारी है भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मुकाबले की। इसकी शुरुआत छह जून यानी शनिवार को मुल्लांपुर में होगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम का एलान कर दिया है, जिसमें बैकअप के तौर पर जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को शामिल किया गया है। हालांकि, अनुभवी गेंदबाज ईशांत शर्मा के कोच श्रवण कुमार का मानना है कि इस युवा गेंदबाज को प्लेइंग-11 का हिस्सा होना चाहिए था।
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जम्मू-कश्मीर को बनाया विजेता
तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा के कोच श्रवण कुमार का मानना है कि आकिब नबी को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होना चाहिए। न कि उन्हें सिर्फ एक बैकअप खिलाड़ी की भूमिका तक सीमित रखा जाना चाहिए। बता दें कि, नबी ने रणजी ट्रॉफी के हालिया सत्र में 60 विकेट झटके थे और जम्मू-कश्मीर को अपना पहला खिताब दिलाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।

क्या बोले कोच श्रवण?
भारतीय टीम की चयन समिति के फैसले से हैरान कोच श्रवण ने कहा, 'आकिब नबी ने अपनी टीम को रणजी चैंपियन बनाया और 60 विकेट लिए, फिर भी उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए क्यों नहीं चुना गया? यह 'बैकअप बॉलर' वाली बात क्या है?' उन्होंने आगे कहा, 'आप उन्हें बैकअप बॉलर के नाम पर सिर्फ 'नेट बॉलर' बनाकर रख रहे हैं। नबी के साथ बैकअप खिलाड़ी के नाम पर नेट बॉलर जैसा बर्ताव नहीं होना चाहिए। जो कुछ हुआ है, उसे देखकर सचमुच हैरानी होती है।'

बीसीसीआई की चयन नीति पर उठाए सवाल
दिल्ली के अनुभवी कोच श्रवण कुमार का मानना है कि बीसीसीआई और राष्ट्रीय चयनकर्ता टेस्ट मैचों के लिए भारतीय टीम का चयन करते समय रणजी ट्रॉफी में किए गए बेहतरीन प्रदर्शनों को उचित महत्व नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा, 'ऐसी परफॉर्मेंस को पहचान क्यों नहीं मिलती? मुझे लगा था कि उसे टेस्ट मैच खेलना चाहिए था। उसे बैकअप खिलाड़ी के तौर पर ले जाने का क्या फायदा? यह तो बस एक ही टेस्ट मैच है।'
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'रणजी ट्रॉफी बंद कर देनी चाहिए'
उन्होंने कहा, 'जिस खिलाड़ी ने रणजी में 60 विकेट लिए हैं, वह टीम में नहीं है, लेकिन जिन दूसरों ने उससे काफी कम विकेट लिए हैं, उन पर विचार किया जा रहा है। यह सही नहीं है।' उन्होंने आगे कहा, 'रणजी ट्रॉफी खेलने का क्या मतलब है? बीसीसीआई को या तो रणजी ट्रॉफी बंद कर देनी चाहिए, या फिर बेहतरीन परफॉर्मेंस पर विचार करके उन्हें पहचान देनी चाहिए। आकिब ने न सिर्फ 60 विकेट लिए हैं, बल्कि जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में भी अहम भूमिका निभाई है। उसे सिर्फ नेट बॉलर (बैकअप बॉलर) के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। वह किसी चीज के लिए भीख नहीं मांग रहा है। 60 विकेट लेना कोई मजाक नहीं है।'
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