भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला विशाखापत्तनम में शुक्रवार (दो फरवरी) को शुरू हुआ। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम इंडिया ने मैच के पहले दिन छह विकेट पर 336 रन बनाए। यशस्वी जायसवाल ने सबसे ज्यादा नाबाद 179 रन बनाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया। मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर एक बार फिर से फेल हो गए। वह 27 रन बनाकर टॉम हार्टले की गेंद पर पवेलियन लौट गए।
अय्यर का खराब फॉर्म टेस्ट में जारी है। वह लगातार 12वीं पारी में 50 रन के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए। अय्यर ने अपना पिछला अर्धशतक दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ लगाया था। तब उन्होंने मीरपुर में 87 रन बनाए थे। उसके बाद उनके स्कोर क्रमश: 29*, 4, 12, शून्य, 26, 31, छह, शून्य, नाबाद चार, 35, 13 और 27 रन रहे हैं।
टॉम हार्टले ने श्रेयस अय्यर को आउट किया।
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क्या भारी पड़ रहा आक्रामक रवैया?
श्रेयस अय्यर के फेल होने से ज्यादा उनके आउट होने के तरीकों पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि वह टेस्ट में तेजी से रन बनाना चाहते हैं। वह आक्रामक शुरुआत तो करते हैं, लेकिन तुरंत ही पवेलियन लौट जाते हैं। उनके रवैये पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह अय्यर खेल रहे हैं उससे उनके अप्रोच में कमी नजर आ रही है।
दबाव बनाने में सफल नहीं हो रहे अय्यर: पीटरसन
पीटरसन का कहना है कि अय्यर गेंदबाजों पर दबाव बनाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर विराट कोहली, केएल राहुल और रवींद्र जडेजा की वापसी होती है तो अय्यर मौके गंवाने पर अफसोस जता सकते हैं।
श्रेयस अय्यर
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अय्यर पर बढ़ रहा दबाव
अय्यर को इस बात का ध्यान रखना है कि ध्रुव जुरेल और सरफराज खान जैसे खिलाड़ी कतार में हैं। सभी मध्यक्रम में जगह बनाने के लिए इंतजार कर रहे हैं। सरफराज ने विशेष रूप से घरेलू क्षेत्र में स्पिन के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है और वह संभावित रूप से भारतीय मध्यक्रम में फिट हो सकते हैं।