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LIVE मैच में इस तरह सट्टेबाजों को इशारा करते हैं खिलाड़ी, कभी बल्ला तो कभी जर्सी बनती है सहारा

Thu, 31 Oct 2019 12:10 PM IST
Trainee Trainee स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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मैच फिक्सिंग - फोटो : Social Media
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क्रिकेट जगत में एक बार फिर से मैच फिक्सिंग के भूत ने खिलाड़ियों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। खिलाड़ी पैसों की लालच में मैच की अहम जानकारी सट्टेबाजों को देते हैं, जिससे क्रिकेट जैसे जेंटलमैन गेम की छवि पर खराब असर पड़ता है। क्रिकेट में मैच फिक्सिंग का मामला कोई नया नहीं है। अगर इस विषय से जुड़े सबसे चर्चित मामलों की बात करें तो पाकिस्तान के मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आसिफ और सलमान बट को कौन भूल सकता हैं, जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ मैच फिक्स कर पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास का सबसे काला अध्याय लिखा था।

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ताजा मामलों की बात करें तो आईसीसी ने बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन पर मैच फिक्सिंग की पेशकश की बात छिपाने के लिए दो साल का बैन का लगाया है। भारत भी मैच फिक्सिंग के जाल से अछूता नहीं रहा है चाहे आईपीएल हो या घरेलू मैच सब मैच फिक्सिंग की चपेट में आ चुके हैं। हाल ही में कर्नाटक प्रीमियर लीग में भी फिक्सिंग को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस लीग से पता चला है कि आखिर सट्टेबाज लाइव मैच के दौरान खिलाड़ियों से संपर्क साधने के लिए कौन से तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।

बेंगलुरू ब्लास्टर्स टीम - फोटो : Social Media
कर्नाटक प्रीमियर लीग के 2018 संस्करण में फिक्सिंग मामले में बेंगलुरु ब्लास्टर्स के पूर्व सलामी बल्लेबाज, एम विश्वनाथन को बेंगलुरु पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में पाया गया कि सटोरियों ने विश्वनाथन को हुबली टाइगर्स के खिलाफ एक मैच में 20 गेंदों में 10 रन से भी कम स्कोर बनाने को कहा था। उन्होंने ऐसा ही किया और 17 गेंदों में मात्र नौ रन ही बनाए।  
पुलिस ने बताया कि विश्वनाथन ने सट्टेबाज को मैच के दौरान संकेत देने के लिए अपना बल्ला बदला और जर्सी को भी आधा मोड़ लिया।

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि विश्वनाथन और प्रसाद को केपीएल 2018 सत्र के 18वें गेम में कथित स्पॉट फिक्सिंग में फुसलाया गया है। इस मामले में चंडीगढ़ के एक सट्टेबाज  मनोज कुमार उर्फ मोंटी का नाम सामने आया है। शिमोगा लायंस टीम के एक खिलाड़ी निशांत सिंह शेखावत द्वारा प्रसाद से उनका परिचय कराया गया था। विश्वनाथन को मैसूरु में 31 अगस्त, 2018 को खेल में धीमी बल्लेबाजी के लिए और 5 लाख रुपये लेने के आरोप में बेंगलुरु ब्लास्टर्स के एक गेंदबाजी कोच विनू प्रसाद के साथ पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था।
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बेंगलुरू ब्लास्टर्स टीम - फोटो : Social Media
मैच से एक दिन पहले अभ्यास सत्र के दौरान विश्वनाथन को प्रसाद ने इस सौदे के बारे में निर्देश दिया था, जहां उन्हें 20 गेंदों में 10 से कम रन बनाने को कहा गया। पारी के दौरान उन्हें अपना बैट बदलकर और बाहों को मोड़कर सटोरिए को संकेत देने के लिए कहा गया।

31 अगस्त को खेले गए इस मैच में हुबली टाइगर्स ने बेंगलुरु ब्लास्टर्स को 118 रन का लक्ष्य दिया। विश्वनाथन ने इस मैच में अपने प्राकृतिक खेल के विपरीत धीमी बल्लेबाजी की और 17 गेंदों पर महज 9 रन ही बनाए। बल्लेबाजी के दौरान आठ गेंद खेलने के तुरंत बाद ही विश्वनाथन ने बैट बदला और तीसरा ओवर जैसे ही खत्म हुआ उन्होंने अपनी बाजू भी मोड़ ली। इन दोनों इशारों से सट्टेबाज को इशारा मिल गया कि विश्वनाथन स्पॉट फिक्सिंग में शामिल है।

विश्वनाथन और वीनू प्रसाद पर केपीएल 2018 में धीमी बल्लेबाजी प्रकरण के संबंध में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि वे कथित तौर पर फिक्सिंग की कई घटनाओं की जांच कर रहे हैं जो पिछले कुछ वर्षों में केपीएल सीजन के दौरान हुई हैं और पुख्ता सबूतों के आधार पर गिरफ्तारियां कर रही हैं।
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