दरअसल, 170 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही इंग्लैंड की टीम को जब 16 रन की दरकार थी, तब 44वें ओवर में दीप्ति ने सूझबूझ का परिचय दिया। दीप्ति ने देखा कि नॉन-स्ट्राइकर एंड पर मौजूद चार्लोट डीन उनके बॉलिंग रन अप के समय ही क्रीज छोड़कर आगे निकल जा रही हैं। ऐसे में तीसरी गेंद पर उन्होंने बॉलिंग रन अप के बाद गेंद न फेंक कर वापस क्रीज में आकर चार्लोट डीन को मांकडिंग कर रन आउट किया।
दीप्ति ने चार्लोट को रनआउट किया था
इस घटना के बाद चार्लोट डीन रोने लगी थीं। इंग्लैंड के कई क्रिकेटरों ने इसे खेल भावना के विपरीत बताया था। वहीं, कई क्रिकेटरों ने दीप्ति का समर्थन भी किया। हालांकि, इस घटना के 24 घंटों के अंदर खुद आउट होकर रोने वाली चार्लोट ने यह हरकत दोहराने की कोशिश की। उन्होंने घरेलू क्रिकेट मैच में दूसरी क्रिकेटर को मांकडिंग करने की कोशिश की, लेकिन बल्लेबाज की सूझबूझ की वजह से चार्लोट कामयाब नहीं हो सकीं।
यह लॉर्ड्स में घरेलू मैच के दौरान हुआ। 2022 रेचेल हेहो फ्लिंट ट्रॉफी के फाइनल में नॉर्दर्न डायमंड्स का मैच साउदर्न वाइपर्स से था। चार्लोट डीन साउदर्न वाइपर्स से खेल रही थीं। मैच के आठवें ओवर में चार्लोट बॉलिंग करने आईं और अपने रन-अप के दौरान रुक गईं और नॉन स्ट्राइकर एंड पर मौजूद नॉर्दर्न डायमंड्स की एलसीएन स्मिथ के पैर देखने लगीं। हालांकि स्मिथ ने क्रीज के भीतर अपना पैर जमा रखे थे। इसके बाद दोनों ही एकदूसरे को देखकर हंस पड़ीं।
इंग्लैंड की बार्मी आर्मी ने इसका एक वीडियो शेयर किया और इसे कैप्शन दिया- चार्लोट डीन 24 घंटे से भी कम समय में घटना को दोहराती दिखीं। क्रिकेट कानूनों के संरक्षक, मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने मांकडिंग को वैध कर दिया है। साथ ही एमसीसी ने दीप्ति को सही ठहराया।