जिम्बाब्वे को अपने घर में क्रिकेट खेलने के लिए मनाने में सफल हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सामने एक और चुनौती तब आकर खड़ी हो गई जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इस मामले से खुद को किनारे कर दिया। 19 मई को जिम्बाब्वे की टीम तीन वनडे और दो टी-20 मुकाबले खेलने के लिए पाकिस्तान पहुंचेगी।
पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच होने वाली आगामी सीरीज के लिए आईसीसी अपने मैच अधिकारियों की नियुक्ति नहीं करेगा। आईसीसी ने सुरक्षा कारणों के चलते यह फैसला किया है और इसकी सूचना भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को दे दी गई है।
दरअसल, वर्ष 2009 में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम की बस पर हुए आतंकी हमले के बाद से यह पहला मौका है जब कोई टेस्ट खेलने वाला देश पाक का दौरा कर रहा है।
गत माह अप्रैल में हुई बैठक के दौरान आईसीसी बोर्ड ने फैसला किया था कि खेल की सर्वोच्च संस्था इस सीरीज के लिए अपने मैच अधिकारियों को मौजूदा सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर पाकिस्तान नहीं भेजेगी।
ऐसे में आईसीसी ने साफ कर दिया था कि पीसीबी इस सीरीज के लिए स्थानीय मैच अधिकारियों की नियुक्ति कर सकता है। बेशक यह सीरीज आईसीसी की कड़ी गाइडलाइंस में नहीं खेली जाएगी, लेकिन बावजूद इसके यह आधिकारिक सीरीज होगी।
इसके बाद पीसीबी ने अंपायरों और रेफरी के अपने पैनल की घोषणा कर दी। इसके तहत जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर रसेल टिफिन को तीन वनडे मैचों के लिए अंपायर चुना गया है। उनका साथ अहसान रजा, शोहजेब रजा और अलीम डार देंगे।
वहीं पहले टी-20 मैच में अहसान रजा और शोहजेब रजा अंपायरिंग करेंगे, वहीं दूसरे टी-20 मुकाबले में यह जिम्मेदारी अहसान रजा और अहमद शाहाब पर होगी। वहीं पूरी सीरीज के लिए राष्ट्रीय चयनकर्ता अजहर खान को मैच रेफरी चुना गया है।