डेविड वॉर्नर, स्टीव स्मिथ और कैमरन बैनक्राफ्ट के बाद अब श्रीलंकाई कप्तान दिनेश चांदीमल के ऊपर भी बॉल टेंपरिंग का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि चांदीमल शुरुआत से ही खुद पर लगे बॉल टेंपरिंग के आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। लेकिन यह मामला सामने आने के बाद यह तो स्पष्ट हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् ऐसे मामलों को लेकर काफी गंभीर हो चुकी है।
दरअसल इस महीने के अंत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् की एक वार्षिक बैठक होने जा रही है जिसमें बॉल टेंपरिंग से जुड़े मामलों को सख्ती से लेने पर विचार किया जा सकता है। आईसीसी के चीफ एग्जीक्यूटिव डेविड रिचर्डसन ने बताया कि जेंटलमैन गेम में इस तरह की चीजों पर सख्त कानून बनाने की जरूरत है।
बता दें कि मौजूदा समय में लेवल-2 के दायरे में आने वाले अपराधी खिलाड़ी को एक टेस्ट या दो वनडे मैचों के लिए बैन किया जा सकता है। जबकि लेवल-3 के दायरे में आने वाले अपराधी खिलाड़ियों को चार टेस्ट या आठ वनडे मैचों के लिए बैन किया जा सकता है।
डेविड रिचर्डसन का कहना है कि खिलाड़ियों को सबक सिखाने के लिए इस कानून को और ज्यादा सख्त बनाने की जरूरत है। इस बैठक में न सिर्फ बैल टेंपरिंग जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी, बल्कि मैदान पर खिलाड़ियों द्वारा प्रयोग की जाने वाली अभद्र भाषा पर भी लगाम कसने की तैयारी की जा सकती है।