जेम्स एंडरसन और रवींद्र जडेजा के बीच पहले टेस्ट मैच के दौरान हुए झगड़े के बाद मामला खत्म होता नहीं दिख रहा। गालीगलौज के बाद भले ही एंडरसन को अब तक किसी भी तरह की सजा नहीं मिली हो, लेकिन तीसरे टेस्ट से पहले जडेजा पर मैच फीस का 50 फीसदी काट लिया गया।
जडेजा पर जुर्माना लगाए जाने के बाद बीसीसीआई ने खुलकर आलोचना की थी और उसने खिलाड़ी का बचाव करते हुए इस फैसले को मानने से इनकार कर दिया था। साथ ही भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने फैसले के खिलाफ अपील करने की धमकी दी थी।
बीसीसीआई के तेवर बाद भारतीय कप्तान धोनी ने भी आईसीसी की ओर से एकतरफा फैसले की आलोचना की।
धोनी ने भी फैसले पर जताई थी नाराजगी
बीसीसीआई के बाद टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी जडेजा के पक्ष में खुल कर आगे आए। उन्होंने सार्वजनिक तौर आईसीसी के फैसले की निंदा की और कहा कि इस फैसले से उन्हें दुख हुआ है।
धोनी ने कहा, "जडेजा को बिना वजह सजा मिली है। आईसीसी के फैसले से हमारा दिल दुखा है। हम इसे नजरअंदाज नहीं करेंगे।" साथ ही उन्होंने कहा कि मुड़कर देखना आक्रमकता नहीं है।
दूसरी ओर, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, "बोर्ड इस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) में अपील करेगा। मुझे लगता है कि जडेजा के साथ अन्याय हुआ है। हम अपने पक्ष को आईसीसी के समक्ष रखेंगे और हमें यकीन है कि जडेजा के साथ न्याय होगा।"
आईसीसी ने लगाई दोनों कप्तानों को फटकार
आईसीसी ने जेम्स एंडरसन और रविंद्र जडेजा के बीच कहासुनी के मामले पर भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक के बयानों की आलोचना करते हुए दोनों कप्तानों से न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करने का आग्रह किया है।
तीसरे टेस्ट की पूर्व संध्या पर धोनी ने आईसीसी मैच रेफरी डेविड बून के रविंद्र जडेजा पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाए जाने के फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए इस फैसले को दुखद बताया।
आईसीसी के चीफ एक्जीक्यूटिव डेविड रिचर्डसन ने फटकार लगाते हुए कहा कि इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक और भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का ट्रेंटब्रिज मामले में बयान आईसीसी अनुशासनात्मक प्रक्रिया को नजरअंदाज करता है।
रेफरी डेविड बून के साथ है आईसीसी
आईसीसी के चीफ एक्जीक्यूटिव रिचर्डसन ने कहा कि दोनों ही कप्तानों को न्यायिक प्रक्रिया का समर्थन करना चाहिए और डेविड बून के फैसले का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "धोनी के फैसले के खिलाफ आलोचना न्यायिक प्रक्रिया को कमतर आंकने जैसा है। धोनी और कुक समेत सभी लोग इसमें शामिल थे। सभी को प्रक्रिया का सम्मान करना चाहेगी।"
आईसीसी मैच रेफरी डेविड बून के फैसले का पूरा सम्मान करता है और उनके साथ भी है। आईसीसी के अनुशासनहीनता मामले की सुनवाई करना किसी के लिए भी कठिन होता है। सार्वजनिक बयानबाजी से आगे का काम बाधित होता है। आईसीसी ने कहा कि उसे विश्वास है कि डेविड बून ने सावधानीपूर्वक और व्यापक स्तर पर पड़ताल के बाद ही सजा सुनाई है।