बॉक्सिंग-डे टेस्ट गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया
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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी टेस्ट के दौरान हुई नस्लभेदी टिप्पणियां पर आईसीसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सिडनी में दर्शकों के कुछ हिस्से द्वारा किए गए नस्लीय दुर्व्यवहार को बर्दास्त नहीं किया जा सकता है। आईसीसी ने कहा है कि यह बर्दाश्त के बाहर है। हम इसकी जांच कर रहे हैं और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की इससे निपटने में पूरी मदद करेंगे।
आईसीसी के मुख्य कार्यकारी मनु साहनी ने किसी भी तरह के भेदभाव के प्रति ICC की जीरो टॉलरेंस नीति को फिर से दोहराया। उन्होंने कहा, 'हमारे खेल में भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है और हम इससे निराश हैं कि प्रशंसकों का एक छोटा समूह सोचता है कि यह घृणित व्यवहार स्वीकार्य है। हमारे पास एक व्यापक भेदभाव-विरोधी नीति है, जिसका क्रिकेट सदस्यों को पालन करना है और प्रशंसकों से पालन करवाना भी सुनिश्चित करना है। हम आज मैदान में अधिकारियों और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा की गई कार्रवाई का स्वागत करते हैं।
साहनी ने कहा कि हम क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और उक्त जांच एजेंसियों को जांच में पूरी मदद करेंगे क्योंकि हम इस तरह के नस्लीय भेदभाव को अपने खेल में बर्दाश्त नहीं कर सकते।
गौरतलब है कि भारतीय टीम द्वारा शनिवार को मैच के तीसरे दिन मैच रेफरी डेविड बून से नस्लीय दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज करवाने के बाद सुरक्षा अधिकारियों की टीम में हरकत में आई थी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और सुरक्षा अधिकारियों की टीम चौथे दिन इसे लेकर सतर्क थी और सिराज द्वारा दोबारा से इसकी शिकायत करने पर इसपर कार्रवाई की गई।