आईपीएल फिक्सिंग कांड में नित नए हो रहे खुलासे में अब पाकिस्तान के विख्यात अंपायर असद रऊफ भी घिर गए हैं। विंदू दारा सिंह के बयानों में रऊफ का नाम आने के बाद आईसीसी ने उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर कर दिया है।
रऊफ आईसीसी के एलीट अंपायरों के पैनल में हैं। मगर अब वह इंग्लैंड में अगले महीने छह से 23 जून तक होने वाली प्रतियोगिता में अंपायरिंग नहीं कर सकेंगे। पाकिस्तान ने आईसीसी के इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं,लेकिन कहा है कि रऊफ दोषी हों तो उन्हें सजा दी जानी चाहिए।
इस बीच मुंबई पुलिस के सूत्रों ने दावा किया है कि फिक्सिंग मामले में जरूरत पड़ने पर रऊफ को भी बुलाया जा सकता है। खिलाड़ियों,सटोरियों,क्रिकेट प्रशासकों और बॉलीवुड हस्तियों के नामों के बीच रऊफ का नाम कहानी में ट्विस्ट की तरह आया है।
आईसीसी ने कहा कि मुंबई पुलिस की जांच में रऊफ का नाम आने के बाद उन्हें हटाने का फैसला किया गया। इस तरह वह आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के घेरे में आने वाले पहले अंपायर हो गए हैं।
फैसले पर सफाई देते हुए आईसीसी के चीफ एक्जीक्यूटिव डेविड रिचर्डसन ने कहा,‘मुंबई पुलिस की तरफ से आ रही खबरों को देखने के बाद यह फैसला हुआ। पुलिस रऊफ की गतिविधियों की जांच कर रही है। हमें लगता है कि खुद इस अंपायर,क्रिकेट और टूर्नामेंट के लिए बेहतर होगा कि रऊफ आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा न लें।’
वैसे आईसीसी ने यह नहीं बताया है कि मुंबई पुलिस रऊफ के खिलाफ किस बात की जांच कर रही है। जब रिचर्डसन ने इस संबंध में पूछा गया,तो उन्होंने कहा कि आगे हमें कुछ नहीं कहना है। प्रतियोगिता के कार्यक्रम के अनुसार रऊफ को सबसे पहले 1 जून को कार्डिफ में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज वार्म-अप मैच में अंपायरिंग करनी थी। इसके बाद उन्हें यहीं श्रीलंका-न्यूजीलैंड तथा वेस्टइंडीज-साउथ अफ्रीका मैचों में मैदान में खड़े रहना था।
आईपीएल-6 में रऊफ अभी तक 13 मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं। वह 19 मई को हैदराबाद सनराइर्ज और कोलकाता नाइट राइडर्स के मैच में आखिरी बार अंपायर के रूप में उतरे थे।
आईसीसी के फैसले पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जका अशरफ ने कहा कि यदि उन पर पहले से शक था तो आईपीएल में क्यों बुलाया गया। उन्होंने कहा कि आईसीसी ने पाक बोर्ड को अपने फैसले की जानकारी नहीं थी। उन्हें मीडिया से यह बात मालूम पड़ी। हालांकि उन्होंने कहा कि रऊफ न बोर्ड से पूछ कर आईपीएल में गए और न बुलावे पर लौटेंगे। पाक क्रिकेट बोर्ड का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। जकी ने कहा कि यदि वह दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पाकिस्तानी मीडिया ने आईसीसी के फैसले की आलोचना की है और कहा है कि उसने सिर्फ संदेह के आधार पर यह फैसला किया है। उसके पास रऊफ के खिलाफ क्या सुबूत हैं? पाकिस्तान के पूर्व कप्तान आमिर सोहेल ने कहा कि सब कुछ आईसीसी की नाक के नीचे हो रहा है। उसकी एंटी करप्शन यूनिट क्या कर रही है?
मुंबई-जयपुर मैच के कारण शक...?
पुलिस ने अपनी जांच में यह स्पष्ट नहीं किया है कि उसे रऊफ को किस आईपीएल मैच को लेकर शक है,लेकिन रिकॉर्ड पुस्तकों के अनुसार 15 मई को राजस्थान रॉयल्स-मुंबई इंडियंस के जिस मैच में अंकित चव्हाण ने ‘फिक्स ओवर’ फेंका था,उसमें रऊफ अंपायर थे। चव्हाण स्पॉट फिक्सिंग के कारण दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में है। जानकारों के अनुसार यह मैच पुलिस के संदेह का कारण हो सकता है।
रऊफ : क्रिकेटर से बने अंपायर
असद रऊफ पाकिस्तान में प्रथम श्रेणी क्रिकेटर रह चुके हैं। टेस्ट मैचों में वह 2005 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय अंपायर के रूप में मैदान में उतरे। 57 वर्षीय रऊफ अभी तक 48 टेस्टों में अंपायरिंग कर चुके हैं। जबकि वन डे अंपायर के रूप में वह अपने शतक से मात्र दो मैच दूर हैं यानी 98 मैचों में वह निर्णायक की भूमिका निभा चुके हैं। अप्रैल 2006 में उन्हें आईसीसी के अंपायरों के एलीट पैनल में जगह दी गई थी।
रंगीन मिजाज भी हैं रऊफ
मैदान के बाहर भारत में रऊफ विवादों में रहे हैं। अगस्त 2012 में मुंबई की एक मॉडल लीना कपूर ने उन पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। उसने कहा था कि रऊफ ने शादी का झांसा देकर उससे कई बार शारीरिक संबंध बनाए। लीला ने रऊफ से अपनी नजदीकी की हकीकत दुनिया को दिखाने के लिए सोशल साइटों पर अंतरंग तस्वीरें भी डाली थीं।
शुरुआत में रऊफ ने लीना को पहचानने से इंकार किया था लेकिन तस्वीरें सामने आने के बाद वे मान गए थे कि दोनों परिचित हैं। उन्होंने कहा था कि लीना ने टीवी शो बिग बॉस में एंट्री पाने के लिए बॉलीवुड में उनकी जान-पहचान का फायदा उठाने की कोशिश की थी। बाद में मामला दोनों ने आपसी समझ से सुलझा लिया था।