टेस्ट क्रिकेट में बड़ा बदलाव हो सकता है। टेस्ट क्रिकेट का एक बुनियादी नियम हटाया जा सकता है। जी हां, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) इस पर विचार करने जा रही है कि टेस्ट क्रिकेट में टॉस को खत्म किया जाना चाहिए या नहीं।
टेस्ट क्रिकेट में देखने को मिलता है कि मेजबान टीम का कप्तान सिक्का उछालता है और और मेहमान टीम का कप्तान हेड या टेल में से कॉल करता है। मार्च 1877 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच MCG पर पहला टेस्ट मैच खेला गया था और तभी से टॉस का चलन शुरु हुआ था।
टॉस को लेकर कहा जाता है कि इससे मेजबान टीम को फायदा मिलता है क्योंकि वह अपनी टीम की ताकत के अनुसार पिच बनवा लेती है। इस वजह से टॉस की एहमियत जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है। अब ICC इसमें बदलाव करने का विचार करने वाली है। इसकी शुरुआत 2019 में एशेज सीरीज से हो सकती है, जिसके साथ टेस्ट चैंपियनशिप का आगाज होगा। 2019 एशेज सीरीज में मेजबान टीम तय करेगी कि उसे पहले बल्लेबाजी करना है या गेंदबाजी।
बता दें कि 2016 से इंग्लिश काउंटी चैंपियनशिप की प्लेइंग कंडीशन्स में बदलाव किया गया है। इसके तहत मेजबान टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है, लेकिन अगर उसे यह फैसला ठीक नहीं लगे तो वह टॉस कर सकती है। इस मसले पर मई के अंत में मुंबई में ICC की क्रिकेट समिति की बैठक होने जा रही है।