क्या आम क्या खास देश-दुनिया के हर क्रिकेट प्रेमी की नजर रविवार को भारत-पाकिस्तान के बीच लंदन के ओवल मैदान पर खेले जाने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। हर कोई 10 साल बाद आए इस मौके का गवाह बनना चाहता है। सूत्रों के अनुसार रविवार को भारत-पाक के बीच खेले जाने वाले मुकाबले के लिए कॉर्पोरेट बॉक्स की मांग बहुत बढ़ गई है। एनआरआई उद्योगपति, राजनेताऔर सेलेब्रिटी पासेस के लिए बोर्ड के अधिकारियों को फोन कर रहे हैं।
इससे पहले भी कई मैचों BCCI के मेहमान के रूप में कई लोग भारत के मैच का लुत्फ उठा चुके है। इन मेहमानों में से एक नाम जानकर आपको भी आश्चर्य होगा। वह नाम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और बिजनेस मैन रॉबर्ट वाड्रा का है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार रॉबर्ट वाड्रा ने 11 जून को भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए मुकाबले में बतौर बीसीसीआई के अतिथि शिरकत की थी। इस मैच में टीम इंडिया ने आठ विकेट से जीत हासिल की थी। इस मसले पर बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी से बात नहीं हो सकी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीसीसीआई के संचालन के लिए गठित संचालन समिति के एक सदस्य ने बताया कि उनमें से कोई भी कॉम्पलीमेंट्री टिकट के बंटवारे में शामिल नहीं था।
इसके अलावा बीसीसीआई ने आईसीसी द्वारा दिए गए 20 टिकट का उपयोग किया। टिकट का उपयोग करने वालों में सीईओ जौहरी, सचिव अमिताभ चौधरी, आईपीएल अक्ष्यक्ष राजीव शुक्ला, बोर्ड के तीन कर्मचारी शामिल हैं। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने ये बताया कि बोर्ड ने एन श्रीनिवासन के समय आईसीसी इवेंट में अपना कॉर्पोरेट बॉक्स बुक करने की पहल की थी। उनका उद्देश्य बीसीसीआई के अधिकारियों और सहयोगियों को को सबसे बेहतर सीट उपलब्ध कराना था।
बीसीसीआई अधिकारी के अनुसार, इस साल की शुरुआत में सीओए ने बीसीसीआई द्वारा 2016 में आयोजित टी-20 विश्वकप में टिकट खरीदने के लिए खर्च हुए 76 लाख रुपये के पमेंट पर रोक लगा दी है। बीसीसीआई को हर मैच में 100 टिकट दिए गए थे लेकिन बोर्ड ने अपने मेहमानों को टिकट मुहैया कराने के लिए 76 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च किए।