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T20 Effect: टी20 लीग की बढ़ती संख्या से परेशान हुए आईसीसी चेयरमैन, कहा- अब बोर्ड को होगी परेशानी

Sat, 04 Jun 2022 03:08 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

आईसीसी के चेयरमैन बार्कले ने टी20 लीग की बढ़ती संख्या को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे भविष्य में टेस्ट मैच कम हो सकते हैं। इस वजह से आईसीसी को टूर्नामेंट के शेड्यूल तय करने में परेशानी होगी। 
 
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ग्रेग बार्कले - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत में आईपीएल का 15वां सीजन खत्म हो चुका है। इस बार गुजरात टाइटंस की टीम चैंपियन बनी है। आईपीएल दुनिया की सबसे सफल और सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है। आईपीएल के बाद बिग बैश, द हंड्रेड, कैरिबियन प्रीमियर लीग, पाकिस्तान सुपर लीग और टी20 ब्लास्ट जैसे कई टूर्नामेंट शुरू हो चुके हैं। इसके बाद टेस्ट क्रिकेट की संख्या में कमी आने का खतरा मंडरा रहा है। अगले साल यूएई टी20 लीग भी शुरू हो रही है। इसके बाद आईसीसी के चेयरमैन ग्रेग बार्कले ने चेतावनी दी है कि घरेलू टी20 लीग की संख्या बढ़ने के कारण आईसीसी को परेशानी हो सकती है। 
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बार्कले के अनुसार टी20 लीग की संख्या बढ़ने से टेस्ट मैच की संख्या कम होगी और अगले दशक में आईसीसी टूर्नामेंट का शेड्यूल बनाने में बोर्ड को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 
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ग्रेग बार्कले का बयान
नवंबर 2020 में आईसीसी चेयरमैन बने बार्कले ने कहा कि घरेलू टी20 लीगों की बढ़ती संख्या से द्विपक्षीय श्रृंखलाएं छोटी होती जा रही हैं और अगले दशक में इससे टेस्ट मैचों की संख्या में कटौती हो सकती है। इस वजह से भावी कार्यक्रम को तय करते समय आईसीसी को बड़ी दिक्कतें होंगी। इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मैच के दौरान बीबीसी के ‘टेस्ट मैच स्पेशल’ कार्यक्रम में कहा ‘‘हर साल महिला और पुरूष क्रिकेट का एक टूर्नामेंट है। इसके अलावा घरेलू लीग बढ़ती जा रही हैं। इससे द्विपक्षीय श्रृंखलायें छोटी हो रही हैं।’’

बार्कले ने चेतावनी देते हुए कहा ‘‘ इसके दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम होंगे। क्रिकेट का भी नुकसान होगा और उन देशों का राजस्व भी प्रभावित होगा, जिन्हें भारत, आस्ट्रेलिया या इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिलते। अगले 10-15 साल में टेस्ट क्रिकेट खेल का अभिन्न हिस्सा तो रहेगा लेकिन मैचों की संख्या कम हो सकती है।’’

बड़ी टीमों पर नहीं होगा असर
बार्कले ने यह भी कहा कि टी20 लीगों की संख्या बढ़ने से भारत, आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देशों पर असर नहीं पड़ेगा। वहीं, महिला क्रिकेट के धीमे विकास पर चिंता जताते हुए बार्कले ने कहा कि महिला क्रिकेट में टेस्ट उतनी तेजी से विकास नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा "टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिये घरेलू ढांचा उस तरह का होना चाहिये जो अभी किसी देश में नहीं है। मुझे नहीं लगता कि महिला क्रिकेट में टेस्ट प्रारूप का उतनी तेजी से विकास हो रहा है।’’
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