इंग्लैंड के हाथों मिली 9 रन से नजदीकी हार के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि उन्हें विकेट पर कुछ और ओवर टिके रहना चाहिए था लेकिन सुरेश रैना और उनके विकेट गिरने से भारत के हाथ से बाजी निकल गई। बकौल धोनी, ‘326 का लक्ष्य निश्चित रूप से मुश्किल था लेकिन जिस तरह हमारे बल्लेबाजों ने बल्लेबाजी की हम लक्ष्य तक पहुंचे। जैसी तेज आउटफील्ड थी उससे इंग्लैंड का स्कोर 280 या 290 दिखाई दे रहा था। हम इस स्कोर तक पहुंच भी सकते थे लेकिन रैना और मेरे विकेट गिर जाने के बाद परिस्थितियां मुश्किल हो गई थी।’
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैं और रैना विकेट पर टिके रहते तो हम यह लक्ष्य हासिल कर सकते थे। हम दोनों के क्रीज पर रहते हमारे पास मौके थे। मगर हम दोनों के आउट होने और फिर रविंद्र जडेजा के भी आउट हो जाने से मामला बिगड़ गया। हमें अच्छी शुरुआत मिली लेकिन एक बल्लेबाज को एक छोर पर टिके रहकर बड़ी पारी खेलनी चाहिए थी और बाकी बल्लेबाज उसे सहयोग करते रहते। हमारे कई बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बहुत बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। फिर भी हम इस मैच से सबक सीखेंगे और अगले मैच में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’
धोनी ने कहा कि इंग्लैंड जिस तरह बल्लेबाजी कर रहा था उससे एक समय लगा कि वह 340 से भी ऊपर जा सकते हैं लेकिन मध्य ओवरों में जडेजा और रैना ने काफी अच्छी गेंदबाजी कर इंग्लिश बल्लेबाजों पर अंकुश लगाया। हमारे लिए आखिरी कुछ ओवर अच्छे नहीं रहे, जिसमें ज्यादा रन पड़ गए। भारतीय गेंदबाजों के लिए धोनी ने कहा कि उन्हें स्लाग ओवरों में यार्कर डालना सीखना होगा। हालांकि यह नए गेंदबाज हैं और इन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का ज्यादा अनुभव नहीं है। समय के साथ ये स्लॉग ओवरों में बेहतर गेंदबाजी करना सीख जाएंगे।