टीम प्रोटोकाल का उल्लंघन के चलते मोहाली टेस्ट से बाहर किए गए ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जेम्स पैटिंसन ने अपनी गलती स्वीकार ली है। पैटिंसन ने कहा है कि वह इस सजा के हकदार थे क्योंकि उन्होंने टीम के नियम को तोड़ा था।
पिछले दिनों ऑलराउंडर शेन वाटसन, बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा, तेज गेंदबाज जेम्स पैटिंसन व मिचेल जॉनसन को एक मैच के लिए टीम से सस्पेंड कर दिया गया था।
इन्हें टीम प्रोटोकाल के उल्लंघन का दोषी पाया गया था। इस दंड के बाद शेन वाटसन दौरे को बीच में छोड़कर स्वदेश लौट गए।
'आलोचक नहीं समझते हमारी संस्कृति'
पैटिंसन ने ऑस्ट्रेलियाई टीम की इस कार्रवाई के आलोचकों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि वे ऑस्ट्रेलियाई टीम में बन रही नई संस्कृति को नहीं समझते हैं और इसलिए इस कार्रवाई की आलोचना कर रहे हैं।
पैटिनसन ने कहा, 'हमारे व्यवहार कोच़, कप्तान और बाकी टीम के प्रति सम्मान वाला नहीं था। मैं समझ सकता हूं कि अगर मैं उनकी जगह होता तो एक टीम सदस्य के तौर पर मुझे भी इस व्यवहार पर बेहद निराशा होती।'
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ने कहा, 'पहले में इस कड़ी सजा को पचाना मुश्किल हो रहा था लेकिन अब उन्हें इस बात का आभास हो गया है कि उन्हें कोई बहाना बनाने की जरूरत नहीं है।'
क्या है पूरा मामला
हैदराबाद टेस्ट में पारी से हार झेलने के बाद कोच मिकी ऑर्थर ने टीम के हर सदस्य से पूछा था कि उनका व्यक्तिगत और टीम का प्रदर्शन कैसे सुधारा जाए।
खिलाडियों को मंगलवार रात यह काम दिया गया था और शनिवार शाम तक उन्हें अपनी रिपोर्ट देने की समयसीमा दी गई थी।
वाटसन, पैटिंसन, ख्वाजा और जॉनसन के अलावा टीम के हर खिलाड़ी ने समय रहते आर्थर को रिपोर्ट दे दी थी।
सोमवार सुबह ऑर्थर, कप्तान माइकल क्लार्क और टीम मैनेजर गेविन डोवी ने आपस में मिलकर इस विषय पर चर्चा की और चार खिलाड़ियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया।