हैदराबाद के कप्तान तिलक वर्मा।
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हैदराबाद ने रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में मेघालय को पांच विकेट से हरा दिया। इस जीत के बाद हैदराबाद की टीम एलीट ग्रुप में वापस आ गई। दूसरी पारी में तिलक वर्मा और अनुभवी बल्लेबाज गहलौत राहुल सिंह ने अर्धशतक जमाकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। जीत के बाद हैदराबाद क्रिकेट संघ (एचसीए) की ओर से बड़े पुरस्कारों की घोषणा की गई। एचसीए ने प्लेट ग्रुप चैंपियन के लिए 10 लाख रुपए और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों के लिए 50,000 रुपए का इनाम देने का वादा किया।
एसोसिएशन के प्रमुख जगन मोहन राव अर्सिहनापल्ली ने अगले तीन वर्षों में रणजी ट्रॉफी खिताब जीतने पर प्रत्येक खिलाड़ी को बीएमडब्ल्यू कार देने का भी वादा किया है। पूरी टीम को एक करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि देने का भी वादा किया गया है। उन्होंने एक बातचीत में कहा, ''घोषणा का उद्देश्य खिलाड़ियों और अन्य हितधारकों को प्रेरित करना था। अगले साल लक्ष्य हासिल करना वास्तविक रूप से संभव नहीं है इसलिए मैंने उन्हें तीन सीजन दिए है।''
हैदराबाद ने प्लेट ग्रुप में सभी मैच जीते
हैदराबाद ने 1937-38 और 1986-87 में रणजी ट्रॉफी खिताब जीता था। पिछले संस्करण में टीम को प्लेट डिवीजन में खेलना पड़ा था। हैदराबाद ने प्लेट ग्रुप में पांच मैच खेले। इस दौरान उसने सभी पांच मैचों में जीत हासिल की। उसके खाते में 35 अंक थे। मेघालय की टीम तीन जीत के साथ दूसरे स्थान पर रही थी। मिजोरम तीसरे, नागालैंड चौथे, सिक्किम पांचवें और अरुणाचल प्रदेश छठे स्थान पर रहा था।
शीर्ष दो पर रहने वाली हैदराबाद और मेघालय की टीमों के फाइनल मुकाबला खेला गया। खिताबी मुकाबले में मेघालय ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। उसने पहली पारी में 304 रन बनाए। हैदराबाद ने इसके बाद पहली पारी में 350 रन बनाए। उसे 46 रन की बढ़त मिली। मेघालय ने दूसरी पारी में 243 रन बनाए। उसने हैदराबाद को 198 रन का लक्ष्य दिया। तिलक वर्मा की कप्तानी वाली टीम ने पांच विकेट पर 203 रन बनाकर मैच को जीत लिया। गहलोत राहुल सिंह ने दूसरी पारी में 62 और कप्तान तिलक 64 रन बनाए।