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टीम चयन में रोहित को किसने दिलाया 'जीवनदान', किसकी 'किस्मत' रूठी

Mon, 12 Sep 2016 06:37 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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रोहित शर्मा - फोटो : getty
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न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में रोहित शर्मा को एक तरह से 'जीवनदान' मिल गया है। उनके लगातार खराब प्रदर्शन को देखते हुए माना जा रहा था कि चयनकर्ता इस बार उन्हें टीम से बाहर कर किसी नए बल्लेबाज पर भरोसा जताएंगे, लेकिन जब टीम इंडिया का ऐलान हुआ तो किसी भी नए खिलाड़ी की एंट्री टीम में नहीं हुई। चयनकर्ता, कोच और कप्तान ने टीम के पुराने खिलाड़ियों पर ही भरोसा जताया। 
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बल्लेबाज रोहित ने नवंबर, 2013 में टेस्ट मैचों में लगातार दो शतक लगाकर करियर की जोरदार शुरुआत की थी, लेकिन 18 टेस्ट मैचों के अपने करियर में वह खास प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया सीरीज में उनको चार में से दो मैचों में खेलने का मौका मिला। जिसमें एक मैच बारिश के कारण धुल गया और तीसरे टेस्ट की दो पारियों में उन्होंने 9 और 41 रन की पारियां खेलीं।

इसके बाद ग्रेटर नोएडा में चल रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल में भी वह बड़ी पारी नहीं खेल सके। पहली पारी में 30 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि उन्हें किवी टीम के खिलाफ सीरीज में रखकर एक तरह से 'जीवनदान' दिया गया है।
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भारत को अपने अगले 13 टेस्ट मैच घर में ही खेलने हैं, ऐसे में रोहित के पास शानदार मौका है कि अपने बल्ले की धार इस बार इतना तेज कर लें कि टीम में उनकी जगह लगभग पक्की हो जाए। मुंबई के इस बल्लेबाज को मौका मिलने के पीछे कप्तान विराट कोहली का अहम रोल माना जा रहा है।

टेस्ट मैचों में रोहित के खराब फॉर्म के बावजूद कोहली उन पर खूब भरोसा करते हैं। कप्तान का मानना है कि वनडे के बेहतरीन बल्लेबाज को टेस्ट प्रारूप में थोड़ा समय दिए जाने की जरूरत है और यही बात चयनकर्ताओं को भा गई, जिससे रोहित की जगह कम से कम एक और सीरीज के लिए फिक्स हो गई है। वहीं मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने भी रोहित का बचाव किया।

'अनलकी' रहा यह तेज गेंदबाज, बिना खेले ही हो गया बाहर

शार्दुल ठाकुर - फोटो : getty
रोहित शर्मा के 'जीवनदान' के पीछे कप्तान की भूमिका खास रही लेकिन कुछ खिलाड़ियों पर कप्तान की नजरें इनायत नहीं हो पाई। वेस्टइंडीज दौरे पर गए 17 सदस्यीय खिलाड़ियों के भारतीय दल में सिर्फ 2 'अनलकी' खिलाड़ी ऐसे भी हैं जिन्हें खेलने का मौका दिए बगैर ही इस बार टीम से बाहर कर दिया गया।

जिन खिलाड़ियों की किस्मत बिना खेले ही रुठ गई वो हैं ऑलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी और तेज गेंदबाज शर्दूल ठाकुर। दोनों को वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया में रखा गया था, लेकिन इन दोनों को एक भी टेस्ट में खेलने का मौका नहीं मिला। तेज गेंदबाज शर्दूल पहली बार टीम इंडिया के साथ दौरे पर गए थे लेकिन अपने टेस्ट करियर का वह आगाज नहीं कर सके। सीरीज खत्म होने के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया भेज दिया गया जहां भारत-ए की टीम ऑस्ट्रेलिया-ए के साथ सीरीज खेल रही है।

दूसरी ओर, टेस्ट सीरीज के बाद बिन्नी को अमेरिका में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई 2 मैचों की टी-20 सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया था लेकिन उन्होंने पहले मैच में एक ही ओवर में 32 रन लुटा दिए। इस कारण उनकी सोशल मीडिया पर खूब किरकिरी हुई। भारत बेहद रोमांचक जंग में एक रन से यह मैच हार गया। 

शर्दूल ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाई थी, लेकिन वह टीम के अंतिम 11 में एक बार भी जगह नहीं बना सके। बिन्नी टेस्ट के लिए फिट कभी नहीं दिखते, लेकिन ठाकुर उभरते गेंदबाज हैं और माना जा रहा था कि उन्हें कैरेबियाई धरती पर ही टेस्ट करियर आगाज करने का चांस मिल जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अब उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया। उन्हें फिर से भारतीय टीम में आने और अंतिम एकादश में जगह बनाने के लिए अभी और शानदार प्रदर्शन करना होगा।

दूसरी ओर, लंबे समय से टीम में वापसी की आस लगाए गौतम गंभीर को भी उम्मीद थी कि शिखर धवन के खराब फॉर्म का फायदा उनको मिल सकता है, लेकिन उन्हें भी निराशा हाथ लगी। गंभीर ने दलीप ट्रॉफी में एक के बाद एक करके 4 अर्धशतक लगाए हैं और वह फॉर्म में चल रहे हैं।
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पाटिल ने किया रोहित और धवन का बचाव 

रोहित शर्मा - फोटो : Getty
मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने रोहित शर्मा के चयन पर कहा कि सभी का मानना है कि रोहित शानदार खिलाड़ी हैं और उन्हें और मौका दिए जाने की जरूरत है। सलामी बल्लेबाज धवन को बरकरार रखने के बारे में पाटिल ने कहा कि हम चाहते हैं कि धवन अच्छा प्रदर्शन करें, सिर्फ वहीं नहीं सभी 15 खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करें। हमें सभी 15 खिलाड़ियों पर भरोसा है।

पाटिल ने कहा, “हम लोगों ने देखा है कि रोहित शर्मा को एक टेस्ट में मौका मिला, फिर दो तीन टेस्ट में टीम से बाहर रहे. ऐसे में कोच, कप्तान और चयन समिति ने उन्हें मौका देने का फैसला लिया।” उनकी अब तक इस बात के लिए काफी आलोचना होती रही है कि उन्हें बहुत मौके मिले हैं और वे मौकों को गंवाते रहे हैं। उन्होंने अब तक भारत की ओर से 18 टेस्ट मैच खेले और इसमें 32 से ज्यादा की औसत से उन्होंने 946 रन बनाए हैं।

उन्होंने कहा कि हमने गौतम (गंभीर) ही नहीं कई सीनियर खिलाड़ियों पर चर्चा की। हम सीनियर खिलाड़ियों को भूले नहीं हैं। हमारे पास 30 खिलाड़ियों का पूल है। दलीप ट्रॉफी में लगातार चार अर्द्धशतक लगाने के बावजूद बाएं हाथ के बल्लेबाज गौतम गंभीर की अनदेखी की गई।

पाटिल ने कहा, "हमने उस संयोजन को कायम रखा है कि जिसने अच्छा प्रदर्शन किया है। हमारा मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ यही संयोजन श्रेष्ठ रहेगा।"  न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला टेस्ट 22 सितंबर से कानुपर में होगा। संदीप पाटिल की अगुआई वाली चयन समिति की यह अंतिम बैठक रही।
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