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IPL 2025: आईपीएल फ्रेंचाइजी की कहां से होती है कमाई?  टीम मालिकों और बीसीसीआई को किस तरह होता है फायदा; जानें

Sun, 11 May 2025 01:39 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि एक आईपीएल ट्रॉफी के लिए फ्रेंचाइजी इतने रुपये कैसे खर्च कर लेती हैं? 20 करोड़ रुपये की ट्रॉफी के लिए 27 करोड़ रुपये एक खिलाड़ी को कैसे देते हैं? आइए तो आपको बताते हैं कि आईपीएल में कमाई का फंडा क्या है...
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आईपीएल 2025 - फोटो : ANI
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विस्तार
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दुनिया के सबसे चर्चित और लोकप्रिय टी20 लीग आईपीएल को लेकर सभी क्रिकेट प्रेमियों में दिलचस्पी रहती है। आईपीएल में जमकर पैसों की बारिश होती है और खिलाड़ियों को अपनी टीम में लेने के लिए फ्रेंचाइजी करोड़ों रुपये खर्च करती हैं। लोगों के मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि फ्रेंचाइजी अगर इतना खर्च करती हैं तो उनकी कमाई कहां से होती होगी। आइए हम आपको बताते हैं कि आईपीएल का बिजनेस मॉडल किस तरह चलता है और कैसे बीसीसीआई और फ्रेंचाइजी को आईपीएल से करोड़ों रुपये का मुनाफा होता है। 
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नीलामी में खर्च होते हैं करोड़ों रुपये 
आईपीएल 2025 के लिए पिछले साल हुई मेगा नीलामी में सभी 10 टीमों के पास पिछली बार की तुलना में 20 करोड़ रुपये से अधिक का पर्स उपलब्ध था। सभी फ्रेंचाइजी के पास कुल 120 करोड़ रुपये का पर्स उपलब्ध था। 2008 में आईपीएल की शुरुआत से लेकर 2025 तक हर बार नीलामी में टीमों ने खिलाड़ियों पर जमकर पैसा लुटाया है। प्रत्येक सत्र में देखा गया है कि कोई एक खिलाड़ी सबसे ज्यादा कीमत पर बिकता है और इस बार भी ऐसा ही हुआ था और पिछले सभी रिकॉर्ड ऋषभ पंत ने तोड़े थे जिन्हें लखऊ सुपर जाएंट्स ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा था। 

टीमों को हर साल देने होती है फीस 
कुछ लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि एक आईपीएल ट्रॉफी के लिए फ्रेंचाइजी इतने रुपये कैसे खर्च कर लेती हैं? 20 करोड़ रुपये की ट्रॉफी के लिए 27 करोड़ रुपये एक खिलाड़ी को कैसे देते हैं? हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट की मानें तो फीस के तौर पर सभी फ्रेंचाइजी हर साल करीब 560-700 करोड़ रुपये देती हैं। आइए तो आपको बताते हैं कि आईपीएल में कमाई का फंडा क्या है और किस तरह इससे आय होती है। आईपीएल में होने वाली कमाई का मुख्य सोर्स प्रसारण अधिकार है। 

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कई तरीकों से होती है कमाई 
बीसीसीआई ने पांच साल के प्रसारण अधिकार करीब 48000 करोड़ रुपये में बेचे थे जो सालाना 9600 करोड़ रुपये होते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें से 60 प्रतिशत यानी 5760 करोड़ रुपये जाता है बीसीसीआई के पास। बचे 40 प्रतिशत यानी 3840 करोड़ रुपये आईपीएल टीमों में बांटे जाते हैं। इसका मतलब है कि हर टीम को 300-400 करोड़ रुपये तो इससे ही मिल जाते हैं जो इनकी 70 प्रतिशत आय होती है। इसके बाद टिकट से मिलने वाली आय से 20-30 करोड़ रुपये आते हैं। शेष आय प्रायोजक और मर्चेंडाइज सेल्स से होती है जो करीब 150-200 करोड़ के बीच होती है। बीसीसीआई की आय की बात करें तो बोर्ड ने 2024 वित्तीय वर्ष में कुल 20686 करोड़ रुपये कमाए थे।
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