हार्दिक ने आईपीएल में बतौर कप्तान अपने पहले ही सीजन में ट्रॉफी जीती। इसके बाद भारतीय कप्तान के रूप में भी वह अब तक अजेय हैं। वहीं, लोकेश राहुल अब तक आईपीएल में उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।
श्रीलंका के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान हो चुका है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम में काफी बदलाव किए गए हैं। संजू सैमसन से लेकर शुभमन गिल तक कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया है। वहीं, शिखर धवन को बाहर कर दिया गया है। लगातार आलोचना झेल रहे ऋषभ पंत भी वनडे और टी20 टीम से बाहर हो चुके हैं। सबसे अहम बात यह है कि वनडे टीम में हार्दिक पांड्या की वापसी हुई और लोकेश राहुल के टीम में होने के बावजूद उन्हें उपकप्तान बनाया गया है, जबकि टी20 टीम की कप्तानी भी उन्हें ही दी गई है।
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इससे साफ है कि चयनकर्ता हार्दिक पांड्या को भारत के भावी कप्तान के रूप में देख रहे हैं। टेस्ट टीम में भले पांड्या को मौका नहीं मिल रहा, लेकिन वनडे और टी20 में रोहित के बाद हार्दिक कप्तान बनने के सबसे मजबूत दावेदार बन चुके हैं। विराट कोहली ने साल 2021-22 में एक-एक कर तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी थी। इसके बाद लोकेश राहुल, ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह को भावी कप्तान के रूप में देखा गया था। हार्दिक उस समय टीम में भी नहीं थे।
हार्दिक पांड्या
- फोटो : सोशल मीडिया
हालांकि, हार्दिक ने एक साल के अंदर सारी चीजें बदल दी हैं। उन्होंने आईपीएल में बतौर कप्तान अपने पहले ही सीजन में ट्रॉफी जीती। इसके बाद उन्हें टी20 में भारत की कप्तानी का मौका मिला और यहां भी उन्होंने हर मैच में चौका लगाया। हार्दिक की कप्तानी में भारत ने पांच मैच खेले हैं और चार में जीत हासिल की है, जबकि न्यूजीलैंड के खिलाफ एक मैच टाई रहा। इस दौरान उन्होंने 36 के औसत से 108 रन बनाए और एक विकेट भी अपने नाम किया। इसी प्रदर्शन के दम पर हार्दिक ने कप्तानी के लिए अपना दावा मजबूत किया।
मौके नहीं भुना पाए राहुल
लोकेश राहुल इस साल शुरुआत में ही अपनी कप्तानी का जलवा दिखाने का मौका मिला था, लेकिन वह कुछ खास नहीं कर पाए। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में राहुल ने चार मैच में भारत की कप्तानी की और चारों में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। बतौर कप्तान राहुल ने सभी को निराश किया। इसके बाद जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने जीत दिलाई, लेकिन इन सात जीत में उन्होंने बल्ले से भी कोई योगदान नहीं दिया और न ही कप्तानी में कोई खास प्रभाव छोड़ा। इसी वजह से अब भावी कप्तान की रेस में वह हार्दिक से पीछे हो गए हैं।
हार्दिक पांड्या
- फोटो : IPL/BCCI
आईपीएल में भी हार्दिक का रिकॉर्ड बेहतर
आईपीएल में हार्दिक ने बतौर कप्तान पहले ही सीजन में ट्रॉफी जीती। उन्होंने बतौर कप्तान 15 आईपीएल मैच में 11 जीते हैं, जबकि चार में उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा है। इस दौरान उन्होंने जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करने के साथ ही अहम मौकों पर अपनी टीम को विकेट भी दिलाए। इसी वजह से वह भारत के कप्तान बनने की रेस में शामिल हुए और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कमाल किया।
आईपीएल में भी आधे मैच हार जाते हैं राहुल
आईपीएल में भी लोकेश राहुल का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। पहले पंजाब फिर लखनऊ के कप्तान के रूप में राहुल कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। 42 आईपीएल मैच में कप्तानी करने वाले राहुल अपनी टीम को सिर्फ 20 मैच में जीत दिला पाए हैं, जबकि 20 में उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, दो मैच टाई रहे हैं।
हार्दिक और राहुल दोनों ने सिर्फ विदेशी जमीन पर ही भारत की कमान संभाली है, लेकिन हार्दिक ने आयरलैंड और वेस्टइंडीज के अलावा न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भी सीरीज जीती है। वहीं, लोकेश राहुल सिर्फ जिम्बाब्वे और बांग्लादेश के खिलाफ जीत दिला पाए हैं। वहीं, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनकी कप्तानी में भारत सभी मैच हार गया था।
हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ भारत वनडे सीरीज हार गया था। इसके बाद राहुल को कप्तानी का मौका मिला और हर मैच में टीम इंडिया को जीत मिली। पर इन तीनों जीत में राहुल का कोई योगदान नहीं था। हर मैच में अलग-अलद खिलाड़ियों ने आगे आकर अच्छा प्रदर्शन किया। इसी वजह से भारत जीता। हार्दिक कप्तानी मिलने पर खुद भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं, जबकि राहुल बतौर कप्तान दबाव में आ जाते हैं और खुद भी खुलकर नहीं खेल पाते। इसी वजह से भारत के कप्तान की रेस में हार्दिक पांड्या अब लोकेश राहुल से आगे निकल चुके हैं।