हांगकांग के 21 वर्षीय क्रिस्टोफर कार्टर ने अचानक से संन्यास का फैसला करके क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। कार्टर ने अचानक संन्यास लेने का फैसला अपने सपनों की खातिर किया है। दरअसल, कार्टर का बचपन से सपना था कि वह पायलट बने। यह सच हो गया है। इसी सपने को पूरा करने की खातिर उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया है।
कार्टर ने हांगकांग का प्रतिनिधित्व करते हुए 11 वन-डे और 10 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। वह अब एडिलेड जाएंगे, जहां वह द्वितीय श्रेणी वर्ग का अधिकारी बनने के लिए 55 सप्ताह की ट्रेनिंग हासिल करेंगे। इस बारे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर जानकारी दी।
अपने सपने के बारे में कार्टर ने कहा, 'मैंने क्रिकेट के लिए पहले ही अपनी पढ़ाई को रोका हुआ है। मुझे लगता है कि ये वह करने का समय है जो मैं हमेशा करना चाहता था। मुझे पायलट बनना है।' उल्लेखनीय है कि कार्टर ने 16 नवंबर, 2017 को दुबई में यूएई के खिलाफ वन-डे डेब्यू किया था। जबकि 21 नवंबर, 2017 को ओमान के खिलाफ अबुधाबी में टी-20 डेब्यू किया था।
हाल ही में यूएई की मेजबानी में खत्म हुई एशिया कप-2018 की टीम में भी वह शामिल थे और टीम इंडिया के खिलाफ भी उन्होंने मैच खेला था। इस मैच में हांगकांग की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था। हालांकि, उसे रोहित ब्रिगेड के हाथों 26 रन की शिकस्त सहनी पड़ी थी। एशिया कप में हांगकांग की टीम सुपर फोर राउंड तक नहीं पहुंची थी।