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Vijay Hazare Trophy: हिमाचल प्रदेश ने तमिलनाडु के खिलाफ दोहराया '1983' वाला कारनामा, इस तरह पहली बार बनी चैंपियन

Mon, 27 Dec 2021 07:16 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

हिमाचल प्रदेश की विजय हजारे ट्रॉफी में जीत की तुलना 1983 में भारत के विश्व कप जीत से की जा रही है। यह जायज भी है क्योंकि 1983 में किसी ने नहीं सोचा था कि टीम इंडिया ट्रॉफी अपने नाम करेगी।
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विजय हजारे ट्रॉफी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इस साल विजय हजारे ट्रॉफी (2021/22) में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि एक बेहद साधारण सी दिखने वाली टीम हिमाचल प्रदेश खिताब अपने नाम कर जाएगी। हालांकि, ऐसा वाकई हुआ और 36 साल के अपने क्रिकेट खेलने के इतिहास में हिमाचल ने पहली बार कोई खिताब जीता है। यह एक बड़ी जीत है और इससे हिमचाल के खिलाड़ियों का घरेलू क्रिकेट में वर्चस्व बढ़ेगा और ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी भारतीय टीम में आ पाएंगे। अब तक हिमाचल प्रदेश का एक भी पुरुष क्रिकेटर सीनियर टीम इंडिया में नहीं खेल पाया है। वहीं, सुषमा वर्मा महिला टीम इंडिया से खेल चुकी हैं।
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Vijay Hazare Trophy 2021-22 Final Live Score, Himachal Pradesh vs Tamil  Nadu: Dhawan's Double Keeps TN at Bay

हिमाचल प्रदेश की जीत 1983 विश्व कप में भारत की जीत जैसी
हिमाचल प्रदेश की विजय हजारे ट्रॉफी में जीत की तुलना 1983 में भारत के विश्व कप जीत से की जा रही है। यह जायज भी है क्योंकि 1983 में किसी ने नहीं सोचा था कि टीम इंडिया ट्रॉफी अपने नाम करेगी। किसी ने भी भारतीय टीम को मौका नहीं दिया था और न ही खिताब जीतने के प्रबल दावेदारों में गिना था। भारत ने सभी को गलत साबित करते हुए न सिर्फ खिताब जीता, बल्कि दुनिया को दिखा दिया कि विश्वास करने से सबकुछ हासिल किया जा सकता है।
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हिमाचल प्रदेश ने जीत की राह में कई चैंपियंस को हराया
ठीक उसी प्रकार हिमाचल प्रदेश की टीम ने भी खुद पर भरोसा रखा। विजय हजारे ट्रॉफी में महाराष्ट्र, चार बार की चैंपियन मुंबई, पांच बार की चैंपियन तमिलनाडु, सौराष्ट्र, बंगाल, गुजरात और कर्नाटक जैसी कुछ बेहद ही मजबूत टीमें खेल रही थीं। इनके बावजूद हिमाचल प्रदेश की टीम जीतने में सफल रही। यह दिखाता है कि हिमाचल ने अद्भुत प्रदर्शन किया और खिलाड़ियों ने इस ट्रॉफी को जीतने के लिए अपनी परफॉर्मेंस का 100 फीसदी से ज्यादा दिया।

VJD Method in cricket: Himachal Pradesh beat Tamil Nadu to win maiden Vijay  Hazare Trophy title - The SportsRush

1985 के बाद से हिमाचल प्रदेश का पहला खिताब
हिमाचल प्रदेश की टीम 1985 से भारत के घरेलू टूर्नामेंट्स में खेल रही है। तब से लेकर आज तक टीम ने कोई बड़ा खिताब नहीं जीता था। पहली बार उन्होंने 1985 रणजी ट्रॉफी में हिस्सा लिया था। विजय हजारी ट्रॉफी के आधुनिक फॉर्मेट की शुरुआत 2002-03 में हुई थी। तब से लेकर अब तक 19 सालों में हिमाचल की यह पहली ट्रॉफी रही। उससे पहले यह टूर्नामेंट जोनल फॉर्मेट में खेला जाता था और कोई फाइनल विजेता नहीं होता था।

हिमाचल प्रदेश ने आठ में से कुछ छह मैच जीते
हिमाचल की टीम इस साल बिलकुल 1983 के चैंपियन भारतीय टीम की तरह खेली। 1983 में भारतीय टीम ने फाइनल समेत कुल आठ मैच खेले थे। इसमें से टीम ने छह में जीत हासिल की थी। हिमाचल ने भी विजय हजारे ट्रॉफी में कुल आठ मैच खेले और छह में जीत हासिल की। प्रतियोगिता के पहले मैच में हिमाचल को विदर्भ के हाथों सात विकेट से हार झेलनी पड़ी। 

Vijay Hazare Trophy 2021-22: Tamil Nadu announces squad for the tournament

हार के बावजूद नहीं डगमगाया हिमाचल का हौसला
इसके बाद हिमाचल ने लगातार कई मैच जीते। इसमें जम्मू-कश्मीर और गुजरात की टीम को एकतरफा मुकाबले में हराया। चौथे मुकाबले में हिमाचल प्रदेश को आंध्र प्रदेश के खिलाफ हार मिली। यह मैच आंध्र ने 30 रन से जीता। इसके बाद हिमाचल ने लगातार चार मैच जीते और शानदार वापसी की। क्वार्टर फाइनल में हिमाचल ने मजबूत यूपी की टीम को हराया। 

तमिलनाडु की टीम में कई शानदार खिलाड़ी मौजूद थे
इसके बाद सेमीफाइनल में सर्विसेज की टीम को हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में तमिलनाडु की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, क्योंकि वह पांच बार के चैंपियन रह चुके हैं। टीम के पास दिनेश कार्तिक, बाबा अपराजित, जगदीशन, शाहरुख खान, विजय शंकर, वॉशिंगटन सुंदर, मुरुगन अश्विन जैसे खिलाड़ी थे। यह सभी खिलाड़ी आईपीएल भी खेल चुके हैं। 



हिमाचल प्रदेश के पास सिर्फ ऋषि धवन मौजूद थे
वहीं, हिमाचल के पास कप्तान ऋषि धवन को छोड़कर कोई स्टार खिलाड़ी नहीं था। इसके बावजूद हिमाचल ने बड़ा उलटफेर किया। फाइनल में अपेक्षा के अनुरूप तमिलनाडु ने 49.4 ओवर में 314 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया, लेकिन 61 पर दो विकेट गिरने के बावजूद हिमाचल ने हार नहीं मानी और वीजेडी नियम (वी जयदेवन नियम) से जीत हासिल की। हिमाचल टीम के सभी खिलाड़ियों ने जीत में अहम भूमिका निभाई।

हिमाचल प्रदेश के क्रिकेट में नए युग की शुरुआत होगी
हिमाचल में क्रिकेट के मौजूदा और पहले के स्तर में रात-दिन का फर्क रहा है। साल 1985 में जब टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी में खेलने की शुरूआत की थी, तब खिलाड़ियों के पास ज्यादा सुविधाएं नहीं थीं। हिमाचल ने पहला मैच जम्मू एंड कश्मीर के खिलाफ खेला था। इसमें हिमाचल हार गया था। हिमाचल की पहली रणजी टीम के खिलाड़ी रहे मंडी के प्रवीण सेन ने बताया कि उस समय क्रिकेटरों को ज्यादा सुविधाएं नहीं मिलती थीं। 



पहले और अब के मैच फीस में काफी अंतर दिखता है
उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को खुद पिच रोल करनी पड़ती थी। विजय हजारे में हिमाचल टीम की जीत पर सेन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब प्रदेश में नए युग का आगाज हो गया है। पहले हिमाचल के खिलाड़ियों को मैच फीस के रूप में एक दिन के 150 रुपये मिलते थे। तीन दिन का मैच होता था और एक मैच के लिए 450 रुपये फीस मिलती थी। आज खिलाड़ी की एक दिन की मैच फीस करीब 60 हजार रुपये है। साथ ही लाखों रुपये प्राइज मनी मिलती है। सेन ने हिमाचल की ओर से 21 रणजी मैच खेले हैं।
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तमिलनाडु की तरह वेस्टइंडीज में भी कई दिग्गज खिलाड़ी थे
हिमाचल प्रदेश और भारत की जीत इस मायने में भी एक जैसे हैं क्योंकि 1983 के फाइनल में वेस्टइंडीज ने भारत को 183 रन पर समेट दिया था। वेस्टइंडीज के पास तब विवियन रिचर्ड्स, क्लाइव लॉयड, गॉर्डन ग्रीनीज, डेसमंड हेन्स जैसे बल्लेबाज थे। ऐसे में हमारी हार पक्की मानी जा रही थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अद्भुत प्रदर्शन किया था। वैसे ही विजय हजारे में 315 रनों का लक्ष्य मिलने के बाद हिमाचल की हार तय मानी जा रही थी। लेकिन शुभम अरोड़ा के शतक, अमित कुमार की फिफ्टी और धवन की ताबड़तोड़ पारी ने जीत पक्की कर दी।



किसी ने नहीं सोचा था हिमाचल 315 रन बना पाएगी
तमिलनाडु ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 314 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। दिनेश कार्तिक ने 116 रन की पारी खेली। इसके अलावा इंद्रजीत 80 और शाहरुख खान ने अंतिम ओवरों में 21 गेंदों पर 42 रन की पारी खेली। हिमाचल के गेंदबाजों ने अच्छी शुरुआत की। एक समय तमिलनाडु के 40 रन पर चार विकेट गिर गए थे। हिमाचल के कप्तान ऋषि धवन ने तीन विकेट झटके। इसके अलावा पंकज जायसवाल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तमिलनाडु के चार विकेट झटके।

हिमाचल की जीत महान प्रेरणादायी कहानियों में से एक : शास्त्री
पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने विजय हजारे ट्रॉफी जीतने वाली हिमाचल प्रदेश की टीम प्रशंसा करते हुए कहा,‘यह महान प्रेरणादायी कहानियों में से एक है।’ उन्होंने कहा- हिमाचल जैसी टीम जैसा कि मैंने कहा कोई सुपरस्टार नहीं, लेकिन टूर्नामेंट जीत लेना, दिखाता है कि अगर आपका काम के प्रति समर्पण अच्छा है, आप विनम्र हैं, आप अहंकारी नहीं हैं और आप बतौर टीम खेल को सही भावना से खेलना चाहते हैं तो आप ऊंचाइयों को हासिल कर सकते हैं। इसलिए इस टूर्नामेंट में एक के बाद एक बड़ा उलटफेर करने के लिए उन्हें सलाम।

Himachal Pradesh beat Tamil Nadu to clinch Vijay Hazare Trophy- The New  Indian Express

मैच पूरा नहीं हुआ फिर भी जीती हिमाचल की टीम
लक्ष्य का पीछा करने उतरी हिमाचल की शुरुआत अच्छी रही। ओपनर शुभम अरोड़ा और प्रशांत चोपड़ा ने पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। प्रशांत 21 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए दिग्विजय रांगी खाता नहीं खोल सके। वहीं, निखिल गांगटा ने 18 रन की पारी खेली। इसके बाद अमित कुमार ने शुभम अरोड़ा के साथ मोर्चा संभाला और 150 रनों की साझेदारी की।

अमित 74 रन बनाकर आउट हुए। आखिर में कप्तान ऋषि धवन ने 23 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। हिमाचल को जीत के लिए 15 गेंदों में 16 रन चाहिए थे। उसी समय मौसम खराब हो गया। वीजेडी सिस्टम के आधार पर हिमाचल को विजेता घोषित किया गया।  हमीरपुर के युवा बल्लेबाज शुभम मैन ऑफ द मैच रहे।
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