दक्षिण अफ्रीका ने भारत के सामने जीत के लिए 124 रनों का लक्ष्य रखा है। कोलकाता के ईडन गार्डेंस स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में भारतीय गेंदबाजों ने अपना दबदबा दिखाया और अब बारी भारतीय बल्लेबाजों की है। भारत के सामने भले ही लक्ष्य ज्यादा बड़ा नहीं है, लेकिन कोलकाता में लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं रहता है और इतिहास को देखें तो भारतीय टीम के लिए यहां जीत दर्ज कर पाना आसान नहीं है।
भारत को लगे शुरुआती झटके
दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी 153 रन पर ऑलआउट हुई और उसने भारत के सामने 124 रनों का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही है और उसने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए हैं। मार्को यानसेन ने पहले यशस्वी को खाता खोले बिना आउट किया और फिर केएल राहुल को भी पवेलियन की राह दिखाई। भारत ने लंच ब्रेक तक दूसरी पारी में दो विकेट पर 10 रन बनाए।
भारतीय टीम तोड़ सकेगी 21 साल पुराना रिकॉर्ड?
ईडेन गार्डेंस में टेस्ट में लक्ष्य का पीछा करते हुए टीमें कम ही सफल होती हैं। ईडेन गार्डेंस में सबसे सफल लक्ष्य की बात करें तो 2004 में भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 117 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। इसके बाद इस मैदान पर कभी 100 से अधिक रनों का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सका है। भारत अगर इस मैच में दक्षिण अफ्रीका को हराता है तो वह इस मैदान पर टेस्ट मैच का सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल कर लेगा। हालांकि, जिस तरह टीम की शुरुआत रही है उससे यह साफ है कि टीम के लिए ऐसा कर पाना आसान नहीं रहना वाला है। दिलचस्प बात यह है कि 1934 से सिर्फ पांच टीमें कोलकाता में लक्ष्य हासिल कर सकी हैं।
ईडन गार्डेंस पर टेस्ट में सबसे सफल लक्ष्य
| मैच |
लक्ष्य |
वर्ष |
| भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका |
117 |
2004 |
| भारत बनाम इंग्लैंड |
79 |
1993 |
| इंग्लैंड बनाम भारत |
41 |
2012 |
| ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत |
39 |
1969 |
| इंग्लैंड बनाम भारत |
16 |
1977 |
तीसरे दिन तेज गेंदबाजों ने दिखाया दम
दूसरे दिन जहां भारतीय स्पिनरों ने दक्षिण अफ्रीका के सात विकेट गिराए, वहीं रविवार को शेष तीन विकेट तेज गेंदबाजों को मिले। पहले बुमराह ने बॉश को आउट किया जो 25 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद मोहम्मद सिराज ने सिमोन हार्मर (7) को बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई और फिर केशव महाराज को खाता खोले बिना एलबीडब्ल्यू आउट किया। दक्षिण अफ्रीका की टीम तीसरे दिन पहले ही सत्र में ऑलआउट हो गई। दक्षिण अफ्रीका के लिए कप्तान तेम्बा बावुमा ने शानदार बल्लेबाजी की और वह 55 रन बनाकर नाबाद रहे।