फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीत के बाद शास्त्री के तीन बड़े बयान, बोले- सचिन को गुस्सा होते देखा, लेकिन धोनी को नहीं

Sat, 19 Jan 2019 08:32 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
ravi shastri
विज्ञापन

मेलबर्न में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 7 विकेट से रौंदा। इसी के साथ तीन वन-डे मैच की सीरीज 2-1 से टीम इंडिया ने अपने नाम की। ऐसा पहली बार हुआ जब ऑस्ट्रेलिया में द्विपक्षीय सीरीज में जीत हासिल की।

विज्ञापन


230 रनों का पीछा करते हुए धोनी ने 87 रन बनाए। धोनी के खेलने की तारीफ करते हुए कोच रवि शास्त्री ने कहा कि 'वह लीजैंड हैं। वो हमारे महान क्रिकेटरों में से एक हैं। मैंने किसी इंसान को इतना शांत नहीं देखा। मैने कई बार सचिन को नाराज होते देखा है लेकिन इन्हें नहीं।'

सचिन और विराट में बताया अंतर

शास्त्री से जब सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के बीच तुलना करने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि तेंदुलकर ज्यादा शांत खिलाड़ी थे और अपने दायरे में रहते थे जबकि कोहली काफी आक्रामक है।

उन्होंने कहा, 'कल किसी ने मुझ से पूछा कि क्या सचिन (तेंदुलकर) और विराट कोहली में कोई समानता है तो मैंने कहा बहुत समानता है। चलिए काम की नैतिकता से शुरू करते है।'

टीम के लिए सबसे ज्यादा कमिटेड कौन है 

शास्त्री ने बताया कि, 'विराट काफी कड़ी मेहनत करते है। घंटो नेट पर अभ्यास करते है और आपके क्रिकेट के लिए अपनी जरूरी चीजों का त्याग करते है। दोनों दूसरे पर अंगुली नहीं उठाते। अगर आप गलती करते है तो उसे स्वीकार करना चाहिए। वे ऐसा ही करते है।'

'विराट (कोहली) काफी आक्रामक है। वह जिस तरह से बल्लेबाजी करते है वह विवियन रिचर्ड के काफी करीब है। वह तेज गेंदबाजों और विरोधियों को आक्रामकता से जवाब देते है। वह कड़ी मेहनत से पीछे नहीं हटते। उन्होंने बल्लेबाजी के ये गुर इंग्लैंड में सिखे।'

शास्त्री के मुताबिक कोहली की सबसे बड़ी खासियत उनकी मानसिकता है जो उनसे काफी मिलती है। वह टीम के खिलाड़ियों का काफी ख्याल रखते है और दूसरो के लिए ‘आदर्श’ है। 

उन्होंने कहा, 'वह अपनी टीम के खिलाड़ियों का काफी ख्याल रखते है और एक आदर्श खिलाड़ी है। वह महान खिलाड़ी बनने के बाद भी आपने दायरे में रहते है और विन्रम है। वह टेस्ट क्रिकेट का सम्मान करते है।'

कोहली ने हाल ही में युवाओं से छोटे प्रारूप को छोड़कर टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान देने को कहा था।  उन्होंने कहा, 'हमारे देश में टी20, आईपीएल और एकदिवसीय को काफी पसंद किया जाता है। अगर विराट कोहली कहते है, ‘ मैं टेस्ट क्रिकेट से ऊब गया हूं तो खेल पर उसका काफी बुरा असर होगा।'
विज्ञापन

टीम की बुराई करने वालों पर बरसे

भारत के मुख्य कोच रवि शास्त्री हालांकि जवाब देने में विश्वास नहीं करते लेकिन स्पष्ट किया कि अगर उन्हें लगता है कि राष्ट्रीय टीम की आलोचना किसी एजेंडे के तहत की जा रही है तो वह इसका सीधे जवाब देंगे। 

'द डेली टेलीग्राफ' से बात करते हुए शास्त्री ने विराट कोहली की प्रशंसा की और कहा कि जिस तरह से वह बल्लेबाजी करता है, वह 'विवियन रिचर्ड्स के करीब' आता हैं। आलोचनाओं के बारे में उन्होंने हालांकि किसी का सीधे जिक्र नहीं किया कि वह किसे 'निहित स्वार्थों से प्रेरित' समझते हैं। 

इस अखबार के लिए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन उनका साक्षात्कार ले रहे थे। शास्त्री ने कहा, 'आप इसकी उम्मीद करते हो। मैं उन व्यक्तियों में से एक हूं जो मानते हैं कि अगर ये रचनात्मक हैं तो ठीक है, लेकिन अगर मुझे लगता है कि ये किसी एजेंडे को लेकर की जा रही हैं तो मैं सीधे इसका जवाब दूंगा। मैं सच कह रहा हूं। मुझे परवाह नहीं कि वो कोई महान व्यक्ति है या कोई सामान्य व्यक्ति। अगर मुझे लगता है कि मुझे इसका जवाब देना है तो मैं ऐसा करूंगा।'

हाल में महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने पर्थ टेस्ट में भारत को मिली हार के बाद टीम की आलोचना की थी जिन्होंने टीम के संयोजन और ट्रेनिंग के तरीकों पर सवाल उठाये थे। शास्त्री ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था यह सैकड़ो मील दूर से 'हवा में तीर छोड़ने' जैसा है। 

शास्त्री की जवाब प्रतिक्रिया देते हुए गावस्कर ने कहा था कि हमारी प्रतिक्रियाओं ने ही मेलबर्न में टीम को अच्छा करने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें