उन्होंने पुलिस से ताला खुलवाने को कहा। काफी देर तक वह घर के सामने शमी के ताऊ जमीर के घर बैठीं रहीं, लेकिन पुलिस ताला नहीं खुलवा सकी। हसीन जहां ने डिडौली पुलिस पर शमी के परिजनों से मिलीभगत का आरोप लगाया। आरोप है कि पुलिस ने ही उनके आने की सूचना शमी के घरवालों को दे दी।
उन्होंने कहा कि अगर सहसपुर में मुझे कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी डिडौली पुलिस की होगी। वह दिन भर गांव से लेकर जोया तक रहीं। इस बीच एडीएम से भी मिलने पहुंची। वहीं गांव के लोगों से भी मुलाकात की।
हसीन जहां ने ताला खुलवाने के लिए पुलिस ही नहीं ग्रामीणों से भी गुहार लगाई। इसके बाद भी ताले नहीं खुल सके। हसीन जहां ने खुद ताला तोड़ने की कोशिश की तो उसके नाखून टूट गए। बेटी आयरा संग हसीन ससुराल में आसरे के लिए भटकती रही। परेशान होकर रो भी पड़ीं।
ताला लगा देख पुलिस कुछ ही देर में चाबी देने का आश्वासन देकर हसीन जहां को टरकाती रही। थोड़ी-थोड़ी देर का आश्वासन मिलते छह घंटे बीत गए, लेकिन मकान की चाबी नहीं मिली। इसी बीच सीओ जितेंद्र सिंह ने हसीन जहां और उनके वकील से पूछताछ की।
लंबा समय बीतने के बाद भी चाबी नहीं मिलने से नाराज हसीन जहां का गुस्सा भड़क गया। दुमंजिला मकान से नीचे आकर हसीन ने सीओ से कहा कि अगर आप चाबी नहीं दिलवा सकते, तो हथौड़ा लाओ, मैं ही ताला तोड़ देती हूं। इतना सुनकर ग्रामीणों ने हाथ पीछे खींच लिए।
mohammed shami and hasin jahan
ससुराल में ताला लगा देखकर हसीन, उनकी बेटी और आया कभी शमी के ताऊ के घर तो कभी प्रधान के घर या फिर जोया के चक्कर लगाते रहे। सुबह से शाम तक यह सिलसिला चलता रहा। चाबी मिलने के बार-बार आश्वासन पर झल्लाकर हसीन ने कहा कि घर होते हुए भी मैं और मेरी बेटी बेघर हैं। हमें दूसरों के घर रहना पड़ रहा है।