हरमनप्रीत कौर ने शानदार कैच लपककर इंग्लैंड की टीम को दबाव में जरूर ला दिया था, लेकिन टीम इंडिया यह मैच नहीं जीत पाई। हालांकि, हरमनप्रीत ने सभी का दिल जरूर जीत लिया।
महिला विश्व कप के चौथे मैच में भारत को इंग्लैंड के खिलाफ करारी हार का का सामना करना पड़ा है। इस टूर्नामेंट के चार मैचों में यह भारत की दूसरी हार है। भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए कुल 134 रन बना पाई। खराब बल्लेबाजी की वजह से ही भारत को मैच में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, अपनी गेंदबाजी और फील्डिंग से टीम इंडिया ने सभी का दिल जीत लिया। इस मैच में भारत की उपकप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार कैच लपका, जो लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
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हरमनप्रीत ने बेहतरीन कैच पकड़कर इंग्लैंड की विकेटकीपर एमी जोन्स को पवेलियन भेजा। इसके बाद भारत ने इंग्लैंड को दो और झटके दिए। हालांकि, भारतीय गेंदबाज इस मैच में छोटे लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके और अंत में भारत यह मैच चार विकेट से हार गया।
इंग्लैंड की पारी के 25वें ओवर में किया कमाल
135 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम बेहतर स्थिति में थी। कप्तान हेदर नाइट और विकेटकीपर एमी जोन्स क्रीज पर मौजूद थीं। दोनों तेजी से अपनी टीम को जीत की तरफ ले जा रही थीं। इस बीच एमी जोन्स ने राजेश्वरी गायकवाड़ की गेंद पर आगे बढ़कर शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद मिड ऑन पर खड़ी हरमनप्रीत कौर के ऊपर से बाउंड्री की तरफ जा रही थी, लेकिन हरमन ने सही तरीके से कैच का अनुमान लगाया। पीछे की तरफ भागीं और कैच पूरा किया। कैच पकड़ने के बाद हरमन सिर के बल जमीन पर गिर गईं, उन्हें चोट भी लगी, लेकिन उन्होंने कैच नहीं छोड़ा।
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हरमन के कैच की बदौलत इंग्लैंड की टीम दबाव में आई और दो बल्लेबाज जल्दी ही आउट हो गए। हालांकि, कप्तान हेदर नाइट एक छोर पर खड़ी रहीं और अपनी टीम को मैच जिता दिया।
खराब बल्लेबाजी की वजह से हारा भारत
इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत का प्रदर्श बहुत ही निराशानजक रहा। टीम इंडिया 36.2 ओवर में 134 रन बनाकर सिमट गई। भारत के सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। स्मृति मंधाना ने सबसे ज्यादा 35 रन बनाए। वहीं ऋचा घोष ने 33 और झूलन गोस्वामी ने 20 रन की पारी खेली। हरमनप्रीत कौर ने 14 रन बनाए। कप्तान मिताली एक और दीप्ति शर्मा खाता खोले बिना पवेलियन लौट गईं।