भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि अगले टी20 विश्व कप टीम में भारतीय टीम कई नए खिलाड़ियों के साथ टूर्नामेंट खेलने पहुंचेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि टीम चयन में हार्दिक पांड्या का बड़ा रोल होगा और वह टीम के कप्तान भी होंगे। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली अभी भी टी20 टीम से बाहर नहीं हुए हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में हुए विश्व कप में भारत को सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद सीनियर खिलाड़ियों को टीम से बाहर करने की बात कही जा रही है।
रवि शास्त्री ने भारत की टी20 टीम और हार्दिक पांड्या को लेकर एक स्पोर्ट्स वेबसाइट से बातचीत में कहा "मुझे लगता है कि वे (नए बदलाव) करेंगे। टी20 विश्व कप आ रहा है और युवाओं में बहुत प्रतिभा है। इस साल के आईपीएल में, हमने कुछ नई प्रतिभाएं देखी हैं। टीम में नए चेहरे होंगे, पूरी टीम नई नहीं होगी। वह (हार्दिक) पहले से ही भारत के कप्तान हैं, इसलिए वह जब तक फिट हैं, टीम की कमान संभालेंगे।"
शास्त्री को लगता है कि अगले विश्व कप में भी भारतीय टीम 2007 के विश्व कप की तरह युवा होगी। 2007 में भारत महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में युवाओं से भरी एक नई टीम के साथ टूर्नामेंट में गया था और जीत भी हासिल की थी। शास्त्री ने कहा "अब वे 2007 टी20 विश्व कप मार्ग पर जाएंगे और प्रतिभा की पहचान करेंगे, और उनकी (हार्दिक पांड्या) बात की बड़ी अहमियत होगी। उनके विचार अलग होंगे, उन्होंने आईपीएल खेला होगा, और कई अन्य खिलाड़ियों को आईपीएल के कप्तान के रूप में देखा होगा। जाहिर है, हार्दिक वह शख्स हैं जो इस टीम का नेतृत्व करने वाले हैं, कोई और नहीं, इसलिए वह जो भी कहते हैं उसे महत्व दिया जाना चाहिए।"
शास्त्री चाहते हैं कि सभी की प्राथमिकताएं स्पष्ट हों। उन्होंने कहा कि वनडे विश्व कप खत्म होने तक टी20 विश्व कप के बारे में मत सोचो। उसके बाद आपके पास टी20 के लिए पर्याप्त समय है।' जहां तक हार्दिक का सवाल है, शास्त्री उन्हें तब बेहतर निर्णय लेने की स्थिति में पाते हैं जब वह फिट होते हैं और आगे बढ़कर नेतृत्व करते हैं। उन्होंने कहा, "उसे अपनी क्षमताओं पर पूरा भरोसा है और तथ्य यह है कि वह अब फिट है, इससे काफी फर्क पड़ता है।"
शास्त्री ने कहा कि निस्संदेह आईपीएल तय करेगा कि अगले साल भारत की टी20 टीम कैसी होगी। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि टेस्ट मैचों में कप्तानी करने के लिए रणजी में अपने राज्य का कप्तान होना चाहिए। इसी तरह आईपीएल आपका सबसे बड़ा घरेलू टी20 टूर्नामेंट है। अच्छे विपक्ष के खिलाफ एक खिलाड़ी के स्वभाव का परीक्षण करने के लिए यह एक अच्छा मंच है। यहां गुणवत्ता कहीं बेहतर है और आप इसे ध्यान में रखते हैं और देखते हैं कि कौन सी फ्रेंचाइजी का नेतृत्व कर रहा है और कौन अच्छा कर रहा है।"
'हार्दिक पर ज्यादा बोझ नहीं'
भारतीय क्रिकेट को समझने वाले लोग जानते हैं कि जूनियर पांड्या शायद फिर कभी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलेंगे क्योंकि पीठ के निचले हिस्से की एक बड़ी सर्जरी के बाद उन्हें अपने करियर को बनाए रखने की जरूरत है। वह अब दो प्रारूप (वनडे और टी20) खेलते हैं। ऐसे में शास्त्री को लगता है कि अगर वह गेंदबाजी भी करते हैं, तो काम का बोझ ज्यादा नहीं होगा।
शास्त्री से जब पूछा गया कि क्या पांड्या पर गेंदबाजी का बोझ अहम होगा तो उन्होंने कहा, 'वास्तव में नहीं और क्यों मैं आपको बताऊंगा। अक्तूबर में वनडे विश्व कप है। वे आईपीएल के बाद कोई क्रिकेट नहीं खेलते हैं, शायद 4-5 मैच। ऐसा नहीं है कि वह तीन प्रारूप खेल रहे हैं। आपके पास टेस्ट मैच हैं और जैसे ही टेस्ट सीरीज आती है, उन्हें आराम करने के लिए एक महीने का मौका मिलता है।"