हार्दिक ने कहा "हमें नॉन-स्ट्राइकर को आउट करने के बारे में हंगामा करना बंद करने की जरूरत है। यह एक नियम है। खेल की भावना से मुझे मतलब नहीं, अगर यह है, तो यह है। व्यक्तिगत रूप से मुझे इससे कोई समस्या नहीं है। अगर मैं अपनी क्रीज से बाहर हूं, और कोई मुझे रन आउट करता है, तो यह ठीक है। यह मेरी गलती है।"
हार्दिक ने आगे कहा कि दो खिलाड़ियों के बीच की भिड़ंत टी20 में मायने नहीं रखती है। उन्होंने कहा "मैचअप मेरे लिए काम नहीं करता है, देखें कि मैं कहां बल्लेबाजी करता हूं और जिस स्थिति में मैं आता हूं, मुझे मैचअप का विकल्प नहीं मिलता है। आप देखते हैं कि मैचअप उन लोगों के लिए अधिक हैं जो शुरुआती तीन या चार स्थानों में बल्लेबाजी कर रहे हैं। मेरे लिए, यह बस यह स्थिति होती है कि कई बार मैं किसी गेंदबाज के खिलाफ बड़े शॉट खेलना चाहता हूं, लेकिन अगर स्थिति इसकी मांग नहीं करती है, तो मैं वह जोखिम नहीं लेता, क्योंकि यह मेरी टीम को नुकसान होगा।"
"मैचअप में मैं यकीन नहीं करता। यह ओवर-रेटेड है। मुझे यह कहने में कोई फर्क नहीं पड़ता, टी 20 क्रिकेट में, यह ओवर-रेटेड है। वनडे और टेस्ट में, यह काम कर सकता है, लेकिन टी 20 में ऐसा नहीं है। हां, मैंने विश्व कप नहीं जीता है, लेकिन मैंने अन्य टूर्नामेंट जीते हैं और मुझे नहीं लगता कि मुझे कभी भी मैचअप के बारे में चिंता हुई है।"
अंत में हार्दिक ने कहा "जब से मैंने वापसी की है, तब से मैं खुद को और बेहतर करना चाहता हूं। मैं महानता की ओर नहीं बल्कि उत्कृष्टता की ओर दौड़ रहा हूं। अगर मुझे कुछ हासिल करना है, तो मुझे लगता है कि यह उत्कृष्टता होगी, प्रदर्शन नहीं। अपने करियर के अंत में, अगर मैं खुद से कह सकता हूं, तो आप जानते हैं कि हार्दिक क्या है, आपने एक समय में उत्कृष्टता हासिल की थी। यह बहुत अच्छा होगा।"