श्रीलंका दौरे पर पहुंची टीम इंडिया के बारे में ऐसी खबरें आ रहीं हैं कि सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि टीम की कप्तानी को लेकर शिखर धवन और हार्दिक पांड्या के बीच मनमुटाव है। श्रीलंका के खिलाफ खेली जाने वाली सीमित ओवरों की सीरीज के लिए शिखर धवन को कप्तान बनाया गया है। उन्हें टीम की कप्तानी इसलिए भी सौंपी गई क्योंकि धवन श्रीलंका टूर पर गई टीम इंडिया के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं।
भारत और श्रीलंका सीरीज शुरू होने पहले हार्दिक पांड्या के बचपन के कोच जितेंद्र सिंह ने कहा है कि वह बेहद निराश हैं कि हार्दिक को श्रीलंका दौरे पर गई टीम का कप्तान नहीं बनाया गया। जितेंद्र सिंह ने क्रिकेट नेक्स्ट से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं।
हार्दिक पाड्या सीमित ओवरों को नियमित क्रिकेटर हैं। उन्होंने 11 टेस्ट, 60 एकदिवसीय और 48 टी-20 मैचों में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया है। जितेंद सिंह ने कहा कि जहां तक सफेद बॉल क्रिकेट की बात है तो हार्दिक पांड्या को कप्तान बनाया जाता तो बेहतर होता।
सिंह ने आगे कहा, वह कप्तान के विकल्प के रूप में अच्छे हैं क्योंकि हार्दिक पांच सात साल और खेल सकते हैं, उनके अंदर नई सोच और नई ऊर्जा है। यदि उन्हें श्रीलंका के खिलाफ खेली जाने वाली सीमित ओवरों की सीरीज के लिए कप्तान बनाया जाता तो ठीक रहता।
शिखर धवन और भुवनेश्वर कुमार श्रीलंका में मौजूद टीम इंडिया के सबसे अऩुभवी क्रिकेटर हैं। उनसे ज्यादा अनुभवी सिर्फ विराट कोहली और रोहित शर्मा हैं जो वर्तमान समय में भारतीय टीम के साथ टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर हैं।
जब जितेंद्र सिंह से इस बारे में पूछा गया कि कि उनसे बीते दो आईपीएल में एक ओवर की बॉलिंग नहीं कराई गई है और भारत के लिए भी खेलते हुए उन्होंने नियमित तौर पर गेंदबाजी नहीं की है। इस सवाल का जवाब में सिंह ने कहा, मैं चाहता हूं कि वह ऑलराउंडर के तौर पर शानदार प्रदर्शन करें, हार्दिक गेंदबाजी को लेकर काफी गंभीर हैं।
भारत और श्रीलंका के बीच तीन एकदिवसीय मैचों की सीरीज की शुरुआत 18 जुलाई से होगी। इससे पहले यह सीरीज 13 जुलाई से शुरू होनी थी लेकिन इंग्लैंड दौरे से लौटी श्रीलंका की टीम के कोच और स्टाफ के कुछ सदस्य कोरोना संक्रमित हो गए थे जिसके चलते शेड्यूल में बदलाव किया गया।
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