भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप सुपर-8 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार को होने वाले मैच के लिए गेंदबाजों का चयन और ओपनर वीरेंद्र सहवाग की चोट बड़ी मुसीबत बन गई है। धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ टीम चयन में कुछ नए प्रयोग करते हुए जहीर खान, वीरेंद्र सहवाग और आर अश्विन को बाहर बैठाने का जोखिम उठाया और हरभजन सिंह व पीयूष चावला के अलावा मीडियम पेसर अशोक डिंडा को मौका दिया।
चूक टीम इंडिया पर भारी पड़ेगी
हरभजन और चावला ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए भारत को न सिर्फ उसकी सबसे बड़ी जीत का तोहफा दिया बल्कि सुपर-8 के लिए अपनी दावेदारी भी मजबूत की। धोनी के सामने मुश्किल यह है कि वह आस्ट्रेलिया की दमदार गेंदबाजी के सामने सात बल्लेबाजों के साथ उतरें या वाटसन, वार्नर और माइकल हसी जैसे धाकड़ बल्लेबाजों को रोकने के लिए पांच विशेषज्ञ गेंदबाज उतारें। इस अहम मैच में कोई भी रणनीतिक चूक टीम इंडिया पर भारी पड़ सकती है। देखना होगा कि धोनी अब किस पर दांव खेलते हैं।
स्पिनरों में घमासान
इंग्लैंड के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन के बाद हरभजन को बाहर बैठाने का सवाल ही नहीं उठता जबकि पीयूष चावला ने भी खासा प्रभावित किया। हरभजन ऑफ स्पिनर हैं जबकि चावला लेग स्पिनर हैं। भज्जी और चावला का कांबिनेशन गेंदबाजी में विविधता देता है। लेकिन अच्छी फार्म में चल रहे ऑफ स्पिनर अश्विन को भी बाहर बैठाना मुश्किल होगा। यदि चावला को बाहर बैठाकर अश्विन को मौका दिया जाता है तो टीम में में दो ऑफ स्पिनर होंगे। इन तीन में से दो स्पिनरों को चुनना ही धोनी की सबसे बड़ी परेशानी है।
जहीर पर कशमकश
अफगानिस्तान के खिलाफ जहीर बेअसर रहे लिहाजा उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ आराम दिया गया। उन्होंने तीन ओवर में बिना कोई विकेट लिए 32 रन लुटवा दिए थे। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ अशोक डिंडा भी ज्यादा प्रभावी नहीं रहे और उन्होंने दो ओवर में 26 रन दिए और एक विकेट लिए। जहीर और डिंडा के मुकाबला एल बालाजी ने ज्यादा किफायती गेंदबाजी की है। उन्होंने दो मैचों में 4.3 ओवर में 29 रन देकर तीन विकेट चटकाए हैं। धोनी को युवा डिंडा और अनुभवी जहीर में से किसी एक के बीच चुनाव करना है जो मुश्किल फैसला है।
सात बल्लेबाज या पांच गेंदबाज
धोनी के लिए सात बल्लेबाज या पांच गेंदबाज की थ्योरी भी असमंजस की स्थिति पैदा कर रही है। आस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी काफी मजबूत है और ऐसे में भारतीय टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करना होगा। यदि धोनी छह बल्लेबाज टीम में रखते हैं तो उन्हें सुरेश रैना को बाहर बिठाना होगा। ऐसे में आलराउंडर इरफान पठान सातवें बल्लेबाज की भूमिका निभाएंगे। लेकिन रैना का टी-20 में शानदार रिकॉर्ड रहा है और उन्हें बाहर बिठाना बड़ा रिस्क साबित हो सकता है। यदि धोनी सात बल्लेबाजों के साथ उतरते हैं तो उन्हें हरभजन, पीयूष चावला और आर अश्विन में से किसी एक को बाहर बैठना पड़ेगा।
तीन स्पिनर भी संभव
भारत को अपने सभी मैच कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेलने हैं जहां की पिच स्पिनरों की मददगार मानी जाती है। ऐसे में धोनी के सामने तीनों स्पिनरों को उतारने का बढ़िया विकल्प भी है। लेकिन उन्हें सुरेश रैना को टीम से बाहर रखना होगा। इरफान पठान सातवें बल्लेबाज के अलावा जहीर खान के साथ नई गेंद की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। जबकि हरभजन, पीयूष चावला और आर अश्विन की तिकड़ी एक साथ आस्ट्रेलिया बल्लेबाजों पर नकेल कस सकती है।