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Harbhajan Retirement: धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया से बाहर किए जाने पर भज्जी ने तोड़ी चुप्पी, दिया ये बड़ा बयान

Fri, 31 Dec 2021 07:34 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हरभजन से यह पूछे जाने पर कि क्या उनके और धोनी के बीच इस मामले पर बातचीत हुई थी? भज्जी ने जवाब देते हुए कहा कि एक समय के बाद उन्होंने किसी से भी कुछ भी पूछना बंद कर दिया था।
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हरभजन सिंह ने बड़ा बयान दिया - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने इस साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। वे पिछले पांच साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर थे और आखिरकार संन्यास का एलान कर दिया। संन्यास के वक्त तो उन्होंने कुछ खास नहीं कहा, लेकिन शुक्रवार को भज्जी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा है कि टीम मैनेजमेंट ने उन्हें टीम से ड्रॉप किए जाने का कोई कारण नहीं बताया था। 
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हरभजन ने 2016 में खेला आखिरी मैच
हरभजन ने इंडिया टीवी से बातचीत के दौरान यह बात कही। 2016 में भज्जी ने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। तब धोनी सीमित ओवर के क्रिकेट में टीम इंडिया के कप्तान थे। इसके बाद उन्हें कभी मौका नहीं मिला। भज्जी ने संन्यास के वक्त इस पर बयान भी दिया था कि बाकी क्रिकेटरों की तरह उन्हें भी एक फेयरवेल मैच की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। 

धोनी को लेकर क्या बोले हरभजन?
हरभजन से यह पूछे जाने पर कि क्या उनके और धोनी के बीच इस मामले पर बातचीत हुई थी? भज्जी ने जवाब देते हुए कहा कि एक समय के बाद उन्होंने किसी से भी कुछ भी पूछना बंद कर दिया था। उन्होंने कहा- शुरू में मैं जवाब मांगता था, लेकिन कुछ समय बाद मैंने यह छोड़ दिया था। मेरे साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है और कौन इसके पीछे है, इस बारे में किसी से पूछना सही नहीं लगा। 
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'विश्व कप के बाद से शुरू हुआ ड्रामा'
हरभजन ने कहा- अगर कोई आपको बताना नहीं चाहता कि ये क्यों हो रहा है, तो पूछने में कोई फायदा नहीं है। उस मामले को वहीं छोड़ देना चाहिए। जो मेरे कंट्रोल में है, मैं बस उसे ही कंट्रोल कर सकता हूं। जो मेरे नियंत्रण में नहीं है, उसकी ओर मैं ध्यान भी नहीं देता। मेरे साथ यही हुआ। पिछले कुछ सालों में मौका नहीं मिलने पर भज्जी ने कहा कि इसकी शुरुआत 2011 या 2012 से हो गई थी, जब हमने विश्व कप जीता था।

'8-9 साल और क्रिकेट खेल सकता था'
उन्होंने कहा- विश्व कप के बाद वो टीम कभी साथ नहीं खेली। यह चौंका देने वाली घटना थी कि जो टीम विश्व कप जीत चुकी है, आप उन्हें मौका नहीं दे रहे हैं। जब मैंने टेस्ट में 400 विकेट पूरे किए उस वक्त मैं 31 साल का था। मुझे महसूस होता है कि उसके बाद 8-9 साल में मैं कम से कम 100 विकेट ले चुका होता। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और मैं एक भी मैच नहीं खेल पाया और न ही मेरा टीम में चयन हुआ।

'अभी तक हैरान हूं कि क्यों बाहर किया गया'
हरभजन ने कहा कि कैसे 400 विकेट लेने वाले गेंदबाज को टीम से बाहर कर दिया जाता है, यह एक हैरान करने वाली बात है। इस बात का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। हालांकि, अब भी मुझको इस बात की हैरानी है कि ऐसा क्या हुआ था? किसे मेरे टीम में रहने से दिक्कत थी। इस बारे में मैं अब भी सोचता हूं। 
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टेस्ट में 400 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय स्पिनर
हरभजन सिंह भारत के दूसरे स्पिनर हैं, जिन्होंने टेस्ट में 400 से ज्यादा विकेट लिए थे। उनसे पहले अनिल कुंबले ने यह करनामा किया था। भज्जी ने अपने 103 टेस्ट मैच के करियर में 417 विकेट लिए थे। वहीं 236 वनडे में उनके नाम 269 विकेट रहे थे। उनकी इकोनॉमी भी 4.31 की रही थी। वहीं 28 टी-20 मैच में भज्जी ने 25 विकेट झटके। आईपीएल में हरभजन ने 163 मैच खेलकर 150 विकेट अपने नाम किए।
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