विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल 2023 में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। कंगारुओं के खिलाफ 444 रन का पीछा करते हुए भारत 234 रन ही बना सका। टीम इंडिया की हार के बाद भारत के पूर्व गेंदबाज हरभजन सिंह ने भारतीय जमीन पर टेस्ट मैच के लिए बनने वाली पिच पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह स्पिन पिच बड़े मैच के लिए भारतीय टीम की तैयारियों को प्रभावित करती हैं। खासकर तब, जब अहम मुकाबला किसी ऐसे देश में हो, जहां तेज गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिलती है।
हरभजन सिंह का मानना है कि भारत में स्पिनर्स के लिए मददगार पिच पर तीन दिन में टेस्ट मैच खत्म हो जाते हैं। टीम इंडिया अपने फिरकी गेंदबाजों के दम पर आसानी से मैच जीत लेती है, लेकिन ऐसी पिच में खेलकर भारतीय टीम फाइनल मैच की तैयारी नहीं कर सकती है। भारतीय टीम को पांच दिन मेहनत करके मैच जीतने की आदत डालनी होगी।
हरभजन ने कहा "आप भारत की खराब पिच पर जीतकर जूठा आत्मविश्वास नहीं दिखा सकते। भारत में गेंद पहले दिन से ही स्पिन करना शुरु कर देती है। आपको मैच के पांच दिन मेहनत करने की आदत डालनी होगी, तभी आप ऐसे बड़े मैच के लिए खुद को तैयार कर सकते हैं। यहां पहले ही ओवर में स्पिनर्स को लगा दिया जाता है और तेज गेंदबाज को यहां पिच से कोई मदद नहीं मिलती है। ऐसी बहुत सी खामियां हैं जो हमें दूर करनी चाहिए।"
हरभजन ने कहा कि भारत में होने वाले टेस्ट मैच में तेज गेंदबाजों को कोई रोल नहीं होता है। आप स्पिन गेंदबाजों के दम पर सभी मैच जीत लेते हैं। ऐसे में आप अचानक से फाइनल मैच में तेज गेंदबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं कर सकते। आपको ऐसी पिच बनानी होगी, जिसमें पूरे पांच दिन तक मैच हो सके। तेज गेंदबाज, स्पिन गेंदबाज और बल्लेबाज सभी के लिए पिच से कुछ हो। तभी जाकर टीम इंडिया किसी भी देश में जाकर फाइनल जीतने के लिए तैयार होगी।
हाल ही में भारत में हुई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिच स्पिनर्स के लिए मददगार थी। सीरीज के चार मैच में से तीन मैच केवल तीन दिन में ही खत्म हो गए थे। उस सीरीज में सभी स्पिनर्स ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। रविचंद्रन अश्विन को 25 विकेट, रवींद्र जड़ेजा को 22 विकेट और नाथन लियोन को 22 विकेट मिले थे।
हरभजन के इस सुझाव का कई लोगों ने समर्थन किया है। एक फैन ने ट्वीट किया- वाह, शुक्र है कि हरभजन ने यह बात सौरव गांगुली के सामने कही.. शायद अब आशा है कि यह बात भारतीय क्रिकेट बोर्ड तक पहुंचेगी और अब अच्छी टेस्ट पिच बनाने पर ध्यान देंगे।