हरभजन ने 1998 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था और उनके नाम पर अब 700 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विकेट दर्ज हैं। इस ऑफ स्पिनर ने कहा, 'मैंने अपने लिए मानदंड स्थापित किए हैं और यदि मैं उनको पूरा नहीं करता हूं तो किसी अन्य को नहीं बल्कि स्वयं को दोष दूंगा। मैं तब स्वयं से प्रश्न करूंगा कि क्या मैंने पर्याप्त प्रयास किए थे।'
उन्होंने कहा, 'हां, मैं अब 20 साल का नहीं हूं और मैं वैसा अभ्यास नहीं करूंगा जैसा तब किया करता था। हां, मैं 40 साल का हूं और मैं जानता हूं कि मैं अब भी फिट हूं और इस स्तर पर सफल होने के लिए जो करना है वह जरूर करूंगा। टीका आ चुका है। इसके लिए अलावा मेरे परिवार ने मुझसे खेलने के लिए कहा। मेरी पत्नी (गीता) ने कहा कि मुझे खेलना चाहिए।'