दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद भारत को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने भी इस हार को लेकर सवाल खड़े किए हैं और पिच पर निशाना साधा है। हरभजन का कहना है कि भारतीय टीम के पास पांच दिन के मैच के लिए कोई विशेषज्ञ ऑफ-स्पिनर ही नहीं है और उन्होंने वाशिंगटन सुंदर का कार्यभार बढ़ाने की बात कही।
भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली थी हार
भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। 25 साल बाद दक्षिण अफ्रीका ने भारत में कोई टेस्ट सीरीज अपने नाम की थी। इस हार के बाद भारतीय टीम पर कई सवाल उठाए गए हैं। रविचंद्रन अश्विन के संन्यास लेने के बाद सेना देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) के खिलाफ पहली घरेलू सीरीज में भारत के स्पिनर दक्षिण अफ्रीका के सामने कमजोर पड़ गए। मेहमान टीम के स्पिनरों ने दो टेस्ट में 25 विकेट हासिल किए। हरभजन से जब पूछा गया कि क्या भारत के पास दाएं हाथ का कोई विशेषज्ञ स्पिनर नहीं है तो उन्होंने कहा, ऐसा ही लगता है।
सुंदर से अधिक गेंदबाजी करवाने की वकालत की
हरभजन ने कहा, मुझे लगता है कि वाशिंगटन सुंदर हैं, लेकिन हमें उनसे ज्यादा गेंदबाजी करवानी होगी। उन्हें एक टेस्ट मैच में 30-35 ओवर तक गेंदबाजी करवानी होगी, तभी जाकर वह एक गेंदबाज बन पाएंगे। जिस तरह की पिचों पर हम खेल रहे हैं, उनमें किसी को गेंदबाज बनाने की जरूरत नहीं है क्योंकि हर गेंद स्पिन होती है या कुछ सीधी हो जाती है। एक गेंदबाज को तभी अच्छा माना जा सकता है जब वह अच्छी पिचों पर विकेट लेता है।
उन्होंने कहा कि भारत के लिए अच्छी पिचें तैयार करना शुरू करने का यह सही समय है क्योंकि देश में टेस्ट क्रिकेटरों का विकास घरेलू मैदान पर टर्निंग पिचों पर खेलने की वजह से रुक गया। उन्होंने कहा, हमें अच्छी पिचों पर खेलना चाहिए, यही सही समय है। ऐसी पिचों पर खेलते हुए एक दशक से ज्यादा समय हो गया है जहां भारतीय क्रिकेट का ओवरऑल विकास नहीं हुआ है। अगर आप देखें, तो हम एक ही जगह पर अटके हुए हैं और जब हम अच्छे विकेटों पर खेलते हैं तो यह आईने में देखने जैसा हो जाता है।