कपिल देव के बाद भारतीय क्रिकेट में ऑलराउंडर का नाम आते ही हर क्रिकेट प्रेमी के जेहन में इरफान पठान का ही नाम आता है। अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया की जरूरत बन चुके इरफान खान पठान शनिवार को 28 साल के हो गए। उनका जन्म 27 अक्टूबर 1984 को गुजरात के बड़ौदा में हुआ था।
स्विंग और सीम है इरफान की ताकत
मध्यम तेज गेंदबाज इरफान पठान की असली ताकत स्विंग और सीम गेंदबाजी है। इसके अलावा पठान वनडे और टी20 मैचों के आखिरी ओवरों में गेंदबाजी के दौरान गति परिवर्तन कर काफी सफल होते हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले इरफान ने अपने पहले टेस्ट में स्विंग और सीम गेंदबाजी का बेहतरीन करतब दिखाया था। हालांकि इस मैच में इरफान को केवल एक विकेट मिला था पर दुनिया के कई दिग्गज गेंदबाजों ने उसकी गेंदबाजी की खूब सराहना की थी।
इसके बाद पाकिस्तान दौरे पर पठान ने अपनी गेंदबाजी से क्रिकेट विश्लेषकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। तीन मैचों की इस सीरीज में पठान ने तीन से भी कम की इकोनॉमी रेट से 12 विकेट चटकाए थे। इरफान ने 29 टेस्ट मैचों में 100 विकेट लिए हैं, जबकि 120 वनडे मैचों में 173 खिलाड़ियों का शिकार किया है।
बल्लेबाजी में भी सफल हैं इरफान
इरफान पठान गेंदबाजी के अलावा बल्ले से भी टीम के लिए उपयोगी साबित होते रहे हैं। आमतौर से निचले क्रम में बल्लेबाजी करने वाले पठान कई मौकों पर ओपनिंग और फर्स्ट डाउन ऑर्डर पर बल्ला थामकर अपना जौहर दिखा चुके हैं। पठान ने 29 टेस्ट मैचों में 31 से ज्यादा की औसत से 1,105 रन बनाए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच में पठान 102 रनों की शतकीय पारी खेल चुके हैं। साथ ही छह अर्द्घशतक भी जमाए हैं। 120 वनडे मैचों में 23 से ज्यादा की औसत से 1,544 रन बनाए हैं। वनडे मैचों में इनके नाम पांच अर्द्घशतक भी दर्ज हैं।
विनय की चोट बनी इरफान के लिए वरदान
खराब फॉर्म के चलते फरवरी 2009 में टीम से बाहर हुए इरफान के लिए 2011 में विनय कुमार का घायल होना वरदान साबित हुआ। फरवरी 2011 में श्रीलंका दौरे पर गई भारतीय टीम में शामिल तेज गेंदबाज विनय कुमार टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही चोटिल हो गए थे। इस कारण करीब दो साल बाद इरफान पठान को टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका मिल गया। इस मौके का इरफान ने भरपूर फायदा उठाया और अपने प्रदर्शन से एक बार फिर टीम में जगह पक्की कर ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इरफान के अच्छे खेल को देखते हुए साल 2012-2013 के अपने केंद्रीय अनुबंध की सूची में 'सी' से प्रमोट कर 'बी' ग्रेड में कर दिया है।