वे जब तक क्रीज पर होते हैं विरोधी टीम के कप्तान की धड़कनें तेज रहती है। टेस्ट हो, वनडे या फिर टी20, सामने जो भी गेंदबाज आ जाए उसकी धुनाई तय है। आप बिल्कुल सही समझ रहे हैं हम बात कर रहे है टीम इंडिया के जाबांज वीरेंद्र सहवाग की। विस्फोटक बल्लेबाजी के साथ टेस्ट मैचों में लंबी-लंबी पारियां खेलकर अलग मुकाम बनाने वाले वीरेंद्र सहवाग 20 अक्टूबर को 34 बरस के हो गए। वीरू का जन्म 1978 में नई दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में हुआ था।
अटैकिंग क्रिकेट है वीरू की ताकत
कहते हैं क्रीज पर जिस दिन वीरू का बल्ला चलता है तो फिर दर्शकों को केवल उन्हीं के शॉट्स याद रहते हैं। सहवाग के शॉट्स इतने आकर्षक होते हैं कि उनके विरोधी भी वाह...वाह करने को विवश हो जाते हैं। भारतीय टीम में आमतौर से ओपनर की भूमिका निभाने वाले सहवाग की असली ताकत अटैकिंग क्रिकेट है। वे हर गेंद
को सीमा रेखा के पार पहुंचाने के मूड में दिखते हैं, जिससे विरोधी टीम की गेंदबाजों का मनोबल टूट जाता है। हालांकि पिछले कुछ समय से सहवाग का बल्ला रन बनाने के लिए तरसता दिख रहा है। तेज गेंदबाजों की बाहर जाती गेंद पर शॉट्स लगाने के फेर में वे बार-बार अपना विकेट गंवा रहे हैं।
टेस्ट में 2 तिहरा और वनडे में दोहरा शतक का रिकॉर्ड
1999 में पाकिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मैच में सहवाग ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में पर्दापण किया था। शुरुआत में वीरू मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते थे लेकिन भारतीय टीम के तत्कालीन कप्तान सौरभ गांगुली ने इन्हें सलामी बल्लेबाज के रूप में आजमाया, जिसमें वे सफल हुए। सहवाग अब तक 98 टेस्ट मैचों में 50 से ज्यादा की औसत से 8,306 रन बनाए हैं। इसमें उन्होंने 22 शतक और 32 अर्द्घशतक जड़े हैं।
सहवाग उन चार बल्लेबाजों की उस सूची में शामिल हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरा शतक (309, 319 रन) जड़े हैं। वीरू ने 249 वनडे मैचों में 15 शतक और 38 अर्द्घशतक की मदद से 8,238 रन बनाए हैं। वनडे मैचों में सहवाग का सर्वोच्च स्कोर 219 रन है, जो विश्व रिकॉर्ड है। टी20 में भी सहवाग सफल बल्लेबाज माने जाते हैं। खास बात यह है कि सहवाग ने टेस्ट मैचों में 82 और वनडे में 104 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन जुटाए हैं।