निश्चित तौर पर हनुमा विहारी एक असाधारण प्रतिभा के धनी खिलाड़ी हैं। अपने छोटे से टेस्ट करियर में उन्होंने यह साबित भी किया कि उनकी बल्लेबाजी में धैर्य, तकनीक के साथ-साथ बड़े स्कोर करने की भी क्षमता है। इंग्लैंड के खिलाफ उसी की धरती पर अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले आंध्र प्रदेश के इस खिलाड़ी को अब भारतीय टेस्ट टीम के मध्यक्रम का स्थायी सदस्य कहा जा सकता है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के पहले मैच में 32 और 93 रन बनाकर हाथ लगी निराशा को दूसरे और आखिरी मैच में हनुमा ने 111 और नाबाद 53 रन बनाकर निश्चित तौर पर कम किया गया। इस पारी के साथ ही हनुमा विहारी सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, पॉली उमरीगर और टाइगर पटौदी के स्पेशल क्लब में भी शामिल हो गए।