बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने टीम चयन प्रक्रिया और अपने राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा के साथ मतभेदों पर खुलकर बात की। अगरकर ने कहा कि चयनकर्ताओं का काम सिरीज के लिए सबसे बेहतरीन 15 खिलाड़ी चुनना है, लेकिन कभी-कभी यह कैप्टन और कोच के साथ मतभेदों का कारण बन सकता है।
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अगरकर ने कहा, 'मतभेद अच्छे हैं। इसका मतलब है कि किसी खास स्थान के लिए आपके पास एक से ज्यादा विकल्प हैं, और अंततः यह हमारा निर्णय होता है। राहुल द्रविड़ उस समय कोच थे और वह मेरे प्रिय मित्र हैं। हमारे बीच कभी-कभी उनके फैसलों पर असहमति हुई, लेकिन इसका कारण केवल टीम के हित में सही निर्णय लेना था।'
चयन प्रक्रिया और कप्तानों का रोल
अगरकर ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2025 में बताया कि चयनकर्ता हमेशा कैप्टन और कोच को शामिल करके ही निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा, 'हमारा काम टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ 15 खिलाड़ी देना है ताकि कप्तान और कोच के लिए चीजें आसान हों। अगर उन्हें चर्चा में शामिल नहीं किया जाता, तो यह थोड़ी मूर्खतापूर्ण होगी। अंततः कुछ फैसले ऐसे होंगे जिनसे हम सहमत नहीं होंगे, लेकिन हर कॉल टीम के सर्वोत्तम हित में लिया जाता है। टीम चयन उतना नाटकीय नहीं है जितना दिखाया जाता है।' उन्होंने बताया कि रोहित शर्मा और वर्तमान कप्तान शुभमन गिल के साथ भी इसी तरह चर्चा होती है। टीम चयन का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत खिलाड़ियों की तारीफ या आलोचना नहीं, बल्कि टीम की जीत और प्रदर्शन को सुनिश्चित करना है।
विराट और रोहित की भविष्य संभावनाएं
अगरकर से सवाल किया गया कि क्या विराट कोहली और रोहित शर्मा 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलेंगे, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा, 'वे ऑस्ट्रेलिया दौरे में स्क्वॉड का हिस्सा हैं। दोनों शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन यह मंच व्यक्तिगत खिलाड़ियों के लिए नहीं है। दो साल बाद स्थिति क्या होगी, कहना मुश्किल है। हो सकता है कि कुछ युवा खिलाड़ी उनके स्थान ले लें। हमें खेल जीतने और ट्रॉफी लेने पर ध्यान देना है, केवल रन बनाने पर नहीं। अगर वे ऑस्ट्रेलिया सीरीज में तीन सेंचुरी भी बना लें, तो यह जरूरी नहीं कि 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे। परिस्थिति को ध्यान में रखना होगा।'