क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) ने निलंबित चीफ एक्जीक्यूटिव गेराल्ड मजोला को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। अनुशासनात्मक कार्रवाई की सुनवाई के दौरान पाया गया कि उन्हें और अन्य सीएसए स्टॉफ को आईपीएल-2 के दौरान बोनस के तौर पर भुगतान किया गया था।
मजोला ने अपने नियोक्ताओं को श्रम न्यायालय में घसीटा था, जिसमें उन्होंने निकोलसन की जांच वैधता को चुनौती दी थी। अनुशासनात्मक सुनवाई के दौरान मजोला पर लगे सभी नौ आरोप सही पाए गए। उन पर 47 लाख डॉलर बोनस लेने का आरोप था। उन्होंने 2007 में आईपीएल कराने के लिए पैसा लिया था।
बोनस कांड की जांच कर रही सीएसए की अनुशासनात्मक समिति ने गेराल्ड को आईपीएल-2 की मेजबानी के बाद खुद को और स्टाफ को बिना जानकारी दिए बोनस वितरित करने का दोषी पाया है। सीएसए की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ रहे निकोलस प्रेस्टन ने बताया कि मजोला को इस मामले में उनका पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया गया लेकिन वह कार्रवाई के दौरान नहीं पहुंचे। अनुशासनात्मक सुनवाई वकील कारेल टिप की स्वतंत्र अध्यक्षता में की गई।