दिल्ली क्रिकेट में एक बार चिंताएं घिर चुकी हैं क्योंकि गौतम गंभीर ने शुक्रवार को रणजी ट्रॉफी के लिए कप्तानी स्वीकारने से इंकार कर दिया। चयनकर्ताओं अतुल वासन, बारी गिडवानी और रॉबिन सिंह ने गंभीर को दोबारा दिल्ली रणजी टीम का कप्तान बनाने का मन बनाया था।
बता दें कि पिछले घरेलू सीजन में आखिरी चरण में गंभीर की जगह ऋषभ पंत को कप्तान बना दिया गया था। बहरहाल, गंभीर ने कप्तानी नहीं स्वीकार की, जिसके बाद चयनकर्ताओं ने इशांत शर्मा को दिल्ली रणजी टीम की कमान सौंपी है।
इस वजह से कप्तान नहीं बनना चाहते गंभीर
गौतम गंभीर
एक नजदीकी सूत्र से जानकारी दी, 'गौतम गंभीर ने दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के प्रशासक जस्टिस विक्रमजीत सेन और क्रिकेट मामलों समिति के अध्यक्ष मदन लाल को शुक्रवार की सुबह ई-मेल लिखा कि वो इस सीजन में टीम की कमान नहीं संभालना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वो इस जिम्मेदारी को लेने के लिए तैयार नहीं है और अभी अपना पूरा ध्यान खेल पर लगाना चाहते हैं।'
गंभीर का दिल्ली के कोच भास्कर पिल्लई से पिछले सत्र में विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान विवाद हो गया था। गंभीर ने कोच पर युवा खिलाड़ियों के करियर खराब करने के आरोप लगाए थे। जस्टिस सेन ने गंभीर को नोटिस भेजा और लाल द्वारा जांच के बाद वर्ल्ड कप विजयी ओपनर पर चार मैच के बैन की सिफारिश की गई।
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अब जब भास्कर को दोबारा दिल्ली का कोच बनाया गया है तो यह समझना आसान है कि गंभीर कुछ अलग जरुर सोचेंगे और इस तरह की जिम्मेदारियों से मुक्त रहना चाहेंगे। वहीं चयनकर्ता भी टीम में सबकुछ ठीक करने में जुटे हुए हैं।
इशांत के फैसले का किया जा रहा है इंतजार
इशांत शर्मा और विराट कोहली
- फोटो : ESPN
यह भी जानकारी मिली है कि ऋषभ पंत भी कप्तानी की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि वो कभी भी टीम इंडिया से अन्दर-बाहर हो सकते हैं। ऐसे में इशांत शर्मा को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। टीम इंडिया को चूंकि इस साल तीन टेस्ट और खेलने है और इशांत की सीमित ओवरों के प्रारूप में राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिलती, इससे उनका दिल्ली के लिए ज्यादा समय तक उपलब्ध रहना मुमकिन होगा।
हालांकि, अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि 77 टेस्ट खेलने वाले इशांत शर्मा ने कप्तानी की जिम्मेदारी स्वीकार की है या नहीं। यह भी पता चला है कि अगर किसी ने दिल्ली के कप्तान बनने की जिम्मेदारी नहीं ली तो फिर मिलिंद कुमार तैयार है।