टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी मनोज तिवारी ने मौजूदा मुख्य कोच गौतम गंभीर पर बड़ा आरोप लगाया है। तिवारी का कहना है कि गंभीर के कोच बनने के बाद टीम में ऐसा माहौल बनाया गया जिससे विराट कोहली, रोहित शर्मा और आर अश्विन जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों को जल्द संन्यास लेने पर मजबूर होना पड़ा। इन तीनों खिलाड़ियों ने पिछले एक साल के अंदर या तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-अलग प्रारूप को अलविदा कहा। अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा, जबकि रोहित और कोहली ने इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की।
'सीनियर खिलाड़ी सवाल करते हैं, इसलिए उन्हें हटाया गया'
मनोज तिवारी ने इनसाइड स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा, 'अगर टीम में अश्विन, रोहित या विराट जैसे सीनियर खिलाड़ी मौजूद हैं, तो ये लोग अनुभव के दम पर सवाल भी उठाते हैं। शायद इसी वजह से सुनिश्चित किया गया कि ये खिलाड़ी टीम में न रहें।' तिवारी ने आगे कहा कि गंभीर के कोच बनने के बाद से कई विवाद सामने आए हैं। उन्होंने कहा, 'जब से वह कोच बने हैं, बहुत सी चीजें बदल गई हैं। कई विवाद हुए हैं। मुझे लगता है, जो कुछ हो रहा है वो भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा संकेत नहीं है।'
'गंभीर के कार्यकाल में बढ़े विवाद'
तिवारी ने कहा कि गंभीर के कोच बनने के बाद से चयन और फैसलों को लेकर लगातार अस्थिरता दिख रही है। उन्होंने कहा, 'कभी अचानक किसी खिलाड़ी को स्क्वॉड में जोड़ा जा रहा है और तुरंत प्लेइंग इलेवन में मौका दिया जा रहा है। कई फैसलों में निरंतरता की कमी है। यह टीम के माहौल के लिए सही नहीं है।' उन्होंने गंभीर पर परोक्ष रूप से यह भी आरोप लगाया कि वह सीनियर खिलाड़ियों के प्रभाव से बचना चाहते हैं ताकि उनकी बातों को चुनौती न मिले।
'विराट और रोहित ने भारतीय क्रिकेट को ऊंचाइयां दीं'
मनोज तिवारी ने दोनों सीनियर खिलाड़ियों की उपलब्धियों को याद करते हुए कहा, 'विराट और रोहित ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। ये खिलाड़ी हमेशा टीम के लिए दिल से खेले हैं। लेकिन अगर माहौल ऐसा बने कि उन्हें लगे कि अब उनकी जरूरत नहीं है, तो वे खुद ही पीछे हट जाते हैं।'
2027 विश्व कप से पहले बड़ा सवाल
तिवारी ने कहा कि अगर गौतम गंभीर आने वाले 2027 वर्ल्ड कप के लिए विराट और रोहित को अपनी योजनाओं में शामिल नहीं करते, तो यह बहुत बड़ी गलती होगी। उन्होंने कहा, 'अगर गंभीर इन दोनों दिग्गजों को वर्ल्ड कप योजना से बाहर रखते हैं, तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए गलत कदम होगा। सफेद गेंद क्रिकेट में इन दोनों का कोई तोड़ नहीं है।'