पिछले तीन साल और 46 पारियों से टेस्ट में शतक लगाने में नाकाम रहे ओपनर गौतम गंभीर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो मैचों के लिए यहां भारतीय टीम में नहीं चुना गया। लेकिन ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह वापसी करने में सफल रहे।
गंभीर लंबे समय से लगातार मौके मिलने के बावजूद अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे और संदीप पाटिल की अगुवाई वाली चयन समिति ने बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को बाहर करने का कड़ा फैसला किया। उनकी जगह दिल्ली के बाएं हाथ के एक अन्य बल्लेबाज शिखर धवन को महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई वाली पंद्रह सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है।
जहीर खान, उमेश यादव और इरफान पठान के चोटिल होने के कारण उत्तर प्रदेश के युवा पेसर भुवनेश्वर कुमार को वन-डे में अच्छा प्रदर्शन करने का इनाम दिया गया। इशांत शर्मा पेस विभाग की अगुआई करेंगे, जिसमें अशोक डिंडा भी शामिल हैं।
सुरेश रैना शेष भारत की तरफ से रणजी चैंपियन मुंबई के खिलाफ शतक जमाने के बावजूद वापसी करने में नाकाम रहे। इस तरह से नंबर छह पर रविंद्र जडेजा या अजिंक्य रहाणे में से किसी एक को उतारा जाएगा। गंभीर की मौजूदगी में वीरेंद्र सहवाग के साथ धवन या मुरली विजय में से किसी एक को पारी का आगाज करने का जिम्मा सौंपा जाएगा।
मध्यक्रम की जिम्मेदारी अनुभवी सचिन तेंदुलकर के अलावा युवा चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली पर रहेगी। टीम में सात बल्लेबाज, जडेजा के रूप में एक आलराउंडर, विकेटकीपर के तौर पर धोनी, तीन स्पिनर और तीन पेसर रखे गए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हमेशा अच्छा प्रदर्शन करने वाले हरभजन ने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में आखिर टेस्ट मैच खेला था। इसके बाद उन्हें चौथे मैच से टीम से बाहर कर दिया गया था। हरभजन ने अब तक 99 टेस्ट में 408 विकेट झटके हैं। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा फिर से स्पिन विभाग की अगुआई करेंगे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला टेस्ट 22 फरवरी से चेन्नई में और दूसरा टेस्ट दो मार्च से हैदराबाद में खेला जाएगा। इस बीच चयनकर्ताओं ने गंभीर को वापसी का मौका भी दिया है। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 से 18 फरवरी के बीच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में होने वाले अभ्यास मैच के लिए भारत 'ए' टीम में शामिल किया गया है। गंभीर इस मैच में भारत 'ए' की अगुआई करेंगे।
टीम: महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, शिखर धवन, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रविंद्र जडेजा, हरभजन सिंह, रविचंद्रन अश्विन, इशांत शर्मा, अशोक डिंडा, भुवनेश्वर कुमार, प्रज्ञान ओझा, अजिंक्य रहाणे और मुरली विजय।
क्यों बाहर हुए गंभीर
गंभीर पर लंबे समय से तलवार लटकी हुई थी। उनके लगातार विफल होने के चलते चयनकर्ताओं को कड़ा फैसला लेना ही था। गंभीर ने आखिरी शतक 17 जनवरी, 2010 को बांग्लादेश के खिलाफ लगाया था। पिछले 26 टेस्ट मैचों में वह 30.2 की साधारण औसत से ही रन बना पाए।
‘कोई सहानुभूति नहीं, प्लीज! अब मेरा ध्यान कड़े अभ्यास और भारत 'ए' के मैच पर है। विजय और शिखर के लिए खुशी है। हर हाल में जीत चाहिए, चाहे मैं टीम में रहूं या न रहूं।’--ट्विटर पर गौतम गंभीर
शिखर ने दिखाया दम
दिल्ली के ओपनर शिखर धवन को लगातार अच्छे प्रदर्शन का फल मिला। ईरानी ट्रॉफी मुकाबले में 63 रन बनाने के अलावा इस सत्र में उन्होंने प्रथम श्रेणी मैचों में 55.53 की औसत से 833 रन बनाए, जिसमें 4 शतक और 3 अर्द्धशतक भी शामिल हैं। इंग्लैंड एकादश के खिलाफ दिल्ली की ओर से शिखर ने 110 रनों की पारी खेली। दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में भी शिखर ने शतक जड़े।
भज्जी के लिए होगा खास टेस्ट
आस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड का उपहार भज्जी को मिला। 99 टेस्ट मैच खेल चुके हरभजन सिंह को अगर टीम एकादश में खेलने का मौका मिलता है, तो वह 100 टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ियों के विशेष क्लब में शामिल हो जाएंगे। यह उपलब्धि हासिल करने वाले 10वें भारतीय खिलाड़ी होंगे।
रैना और जाफर रहे दुर्भाग्यशाली
यूपी के सुरेश रैना और मुंबई के वसीम जाफर निश्चित तौर पर निराश होंगे। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मैन ऑफ द सीरीज रहने के अलावा रैना ने ईरानी ट्रॉफी में भी शतक जड़ अपना दावा मजबूत किया था। जबकि वसीम जाफर ने ईरानी ट्रॉफी मुकाबले में 80 और नाबाद 101 रनों की पारी खेली। उन्होंने रणजी ट्रॉफी के दो नॉकआउट मैचों में भी शतक लगाया था।