महान आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी रिकी पोंटिंग के संन्यास ने सचिन तेंदुलकर पर चल रही बहस को नई हवा दे दी है जिसमें भारतीय टीम के ओपनर गौतम गंभीर भी कूद पड़े हैं। गंभीर ने कहा कि पोंटिंग के संन्यास को सचिन तेंदुलकर के साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
पूर्व आस्ट्रेलियाई कप्तान के अलविदा कहने का यह मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि अब सचिन भी संन्यास ले लें। सच्चाई यह है कि भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम को इस वक्त सचिन की सख्त जरूरत है। यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए गंभीर ने कहा, ‘सचिन के अंदर अभी बहुत कुछ करने की क्षमता है। मुझे पूरा विश्वास है कि वह जल्द ही बड़ी पारी खेलकर फार्म में वापस लौटेंगे।
कोई भी किसी को संन्यास लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता यह उसका अपना निजी फैसला होता है। पोंटिंग का निर्णय व्यक्तिगत है। दोनों अलग व्यक्तित्व और अलग देशों से ताल्लुक रखते हैं। इसलिए संन्यास पर दोनों की तुलना का कोई मतलब नहीं है।
यह सचिन को ही निर्णय लेना है कि उन्हें कब संन्यास लेना चाहिए। कोई भी उन पर दबाव बनाकर यह काम नहीं कर सकता है। मेरा मानना है कि सचिन पर इस मुद्दे पर दबाव नहीं बनाना चाहिए।’ गंभीर ने पोंटिंग को आस्ट्रेलिया का सर्वश्रेष्ठ कप्तान करार दिया। बकौल गंभीर, ‘वह सही मायनों में एक लेजेंड हैं। उन्होंने अपनी शर्तों पर क्रिकेट खेली है। क्रिकेट के तीनों संस्करणों में उनका रिकॉर्ड उनके बड़े खिलाड़ी होने की कहानी कहता है।’