रिटेल में एफडीआई को लेकर संसद में जारी घमासान आखिरकार थम गया है। इस मुद्दे पर वोटिंग के नियमों के तहत चर्चा के लिए सरकार के राजी होते ही संसद का गतिरोध भी बृहस्पतिवार को खत्म हो गया। अब यूपीए सरकार का असली लिटमस पेपर टेस्ट अगले हफ्ते होगा, जब संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर मत विभाजन के तहत चर्चा होगी।
लेकिन इस मुद्दे पर सपा नेताओं के अलग-अलग सुर में बोलने से सरकार मुश्किल में दिख रही है, जबकि डीएमके, बसपा और सपा के बदले रुख के बाद ही यूपीए सरकार वोटिंग नियम में चर्चा की मांग मानने के लिए तैयार हुई थी। सपा ने राज्यसभा में एफडीआई के खिलाफ मतदान की बात कही है, जबकि उच्च सदन में ही सरकार बहुमत के आंकड़े से पीछे है। अब संख्याबल को लेकर अगले हफ्ते सरकार की अग्निपरीक्षा होगी।
बहरहाल, लोकसभा में मंगलवार और बुधवार को चर्चा होगी। राज्यसभा में भी अगले हफ्ते ही चर्चा होगी, लेकिन इसके लिए अभी दिन तय नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि लोकसभा में चर्चा समाप्त होने के बाद ही राज्यसभा में बहस शुरू होगी। खास बात यह है कि अब तक रिटेल में एफडीआई पर वोटिंग की मांग पर मैदान में डटी भाजपा और माकपा ने अब फेमा कानून में जल्द संशोधन कराने की मांग शुरू कर दी है।
रिटेल में एफडीआई के इस फैसले पर अमल करने के लिए सरकार को फेमा कानून संशोधन कराना होगा, इसलिए सरकार पर दबाव बनाए रखने के लिए एनडीए और लेफ्ट ने अब फेमा एक्ट संशोधन का राग अलापना शुरू कर दिया है क्योंकि इस संशोधन के लिए भी सरकार को फिर से संख्या बल जुटाना होगा।
बहरहाल, संसद की लगातार चार बैठकें हंगामे की भेंट चढ़ जाने के बाद जब बृहस्पतिवार को सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने कहा कि उन्हें रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर नियम-184 के तहत चर्चा कराने के लिए 30 नोटिस मिले हैं और इस पर चर्चा के लिए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही सुचारु तौर पर चलने लगी, लेकिन राज्यसभा में सपा और भाजपा के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा के भी शुक्रवार से सुचारु तौर पर चलने की उम्मीद है।
'राज्यसभा में हम एफडीआई के खिलाफ वोटिंग करेंगे। लोकसभा में सपा नेता क्या करेंगे यह उनसे पूछिए। वैसे ऐसा पहले भी हो चुका है, जबकि एक पार्टी ने दोनों सदनों में अलग पक्ष में वोट किया हो।'
- रामगोपाल यादव, सपा महासचिव
बसपा ने नहीं खोले पत्ते
'सदन चल रहा है और हम एफडीआई पर अपनी रणनीति का खुलासा सदन में ही करेंगे।'
- मायावती, बसपा सुप्रीमो
'जहां तक एफडीआई की बात है, सपा इसका पुरजोर विरोध करती है।'
- मुलायम सिंह यादव, सपा सुप्रीमो