पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की अनुभवी ओपनिंग जोड़ी के फॉर्म को लेकर चिंता जताई है। कपिल ने कहा कि गंभीर और सहवाग की सलामी जोड़ी की खराब फॉर्म इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारत के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि सहवाग और गंभीर की जोड़ी काफी अनुभवी हैं। यदि उनके जैसा खिलाड़ी रन नहीं बना रहा हो तो यह चिंता का विषय है। उनकी बड़ी प्रतिष्ठा है और जब आपकी इतनी बड़ी प्रतिष्ठा हो आपको उसे बनाए रखना होता है। पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि इन दोनों खिलाड़ियों को टीम के अलावा खुद की प्रतिष्ठा बचाए रखने के लिए रन बनाने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि गंभीर और सहवाग दोनों टी20 वर्ल्ड कप और चैंपियंस लीग टी20 टूर्नामेंट में रन बनाने के लिए जूझते हुए देखे गए।
सचिन के संन्यास पर चुप रहे कपिल
कपिल से जब पूछा गया कि क्या सचिन तेंदुलकर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेना चाहिए, उन्होंने कहा कि बड़े प्लेयर के बारे में ना ही बात करें तो अच्छा है। उन्होंने (तेंदुलकर) हाल में बयान दिया था और उन्हें जो कहना था वह कहा था।
'धोनी ज्यादा अपेक्षा नहीं करें'
कपिल ने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी से कप्तान के रूप में अधिक अपेक्षाएं की जाती हैं। उन्होंने कहा कि आप हमेशा उससे जीत की उम्मीद नहीं कर सकते। उसकी कप्तानी में हमने विश्व कप, विश्व टी-20 और टेस्ट मैच जीते। हम आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक रहे। आप उससे हर समय की जीत की अपेक्षा नहीं कर सकते।
'परफेक्ट कप्तान हैं धोनी'
तीनों प्रारूप में अलग अलग कप्तान के सवाल पर कपिल ने कहा कि यदि आपके पास कोई ऐसा खिलाड़ी है जो तीनों प्रारूप में कप्तानी कर सकता है तो फिर अलग-अलग कप्तानों की क्या जरूरत है। क्या कोई ऐसा है जो ऐसा कर सकता है। क्या हमारे पास तीनों प्रारूप के लिये विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जब ऑस्ट्रेलिया कुछ करता है तो हम उसका अनुसरण करना चाहते हैं लेकिन यदि हम कुछ करते हैं तो हमारी आलोचना की जाती है।
इस दिग्गज ऑलराउंडर ने कहा कि कोई भी चयनसमिति को अपने फैसलों से हर किसी को खुश नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि चयनकर्ता हर किसी को खुश नहीं कर सकते। यदि वे भारतीय क्रिकेट के फायदे के लिए काम कर रहे हैं तो मुझे कोई दिक्कत नहीं। चयनसमिति का गठन करना प्रशासनिक फैसला होता है और मैं चाहूंगा कि उन्हें अपना काम करने दिया जाए।