पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद ने भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के भविष्य को लेकर राय रखी है। उनका कहना है कि इन दोनों भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना भविष्य तय करने का अधिकार खुद मिलना चाहिए। कोहली और रोहित दोनों चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम का हिस्सा हैं और फिलहाल इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए दुबई में हैं।
खराब प्रदर्शन के बाद भविष्य पर उठे थे सवाल
न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार दो टेस्ट सीरीज में हार के बाद कप्तान रोहित और अनुभवी बल्लेबाज कोहली के भविष्य पर सवाल उठने लगे। इन सीरीज में दोनों दिग्गज खिलाड़ियों को रन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा था। सरफराज ने कहा, लोगों को विराट कोहली और रोहित शर्मा के बारे में बात भी नहीं करनी चाहिए। भारत के लिए उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। विराट कोहली ने भारत के लिए मुश्किल मैच जीते हैं और मैंने उन मैचों को देखा है। आप कल्पना नहीं कर सकते कि उन्होंने भारत के लिए किस तरह का प्रदर्शन किया है। शर्मा के लिए भी यही बात लागू होती है। जिस तरह से वह टीम का नेतृत्व कर रहे हैं वह शानदार है। उन्होंने 2023 वनडे विश्व कप में टीम का बेहतरीन तरीके से नेतृत्व किया और इसके बाद टी20 विश्व कप जीता।
सरफराज ने कहा कि विराट और रोहित सही समय आने पर क्रिकेट को अलविदा कह देंगे, लेकिन तब तक भारत को अपनी टीमें उनके आसपास बनानी चाहिए। सरफराज ने कहा, उन्हें खेलने दें और उन्हें तय करने दें कि वे क्या करना चाहते हैं। आपको उनके आसपास ही अपनी टीम बनानी चाहिए। जिस तरह से उन्होंने टी 20 अंतरराष्ट्रीय को अलविदा कहा उसी तरह से वे अन्य प्रारूपों में भी करेंगे। आपको उन्हें हटाकर टीम नहीं बनानी चाहिए, आपको उन्हें शामिल करके टीम बनानी चाहिए।
बाबर के लिए क्या बोले सरफराज
सरफराज ने कहा कि पाकिस्तान को भी इसी तरह बाबर आजम को केंद्र में रखकर टीम तैयार करनी चाहिए। पूर्व कप्तान बाबर भारत के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी मैच में हालांकि महज 23 रन पर आउट हो गए। उन्होंने कहा, बाबर आजम एक अलग खिलाड़ी हैं। मुझे लगता है कि पाकिस्तान टीम को इस तरह से तैयार करना चाहिए कि बाबर आजम भारत के लिए विराट कोहली की तरह पूरे 50 ओवर खेल सकें। वह शुरुआत में समय लेते हैं और फिर खेल को आगे बढ़ाते हैं। बाबर का लक्ष्य किसी पर क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए पूरे 50 ओवर तक खेलने का होना चाहिए। उनके साथ मौजूद दूसरे बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने का जिम्मा उठाना चाहिए।